देवरिया के जिला चिकित्सालय का नाम अब बाबू मोहन सिंह जिला चिकित्सालय होगा। शासन के इस आदेश के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इसकी तैयारियों में जुट गया है। अस्पताल परिसर में ही दिवंगत मोहन सिंह की प्रतिमा भी लगाई जाएगी। इस पर उनका जीवनवृत्त भी लिखा जाएगा।
बरहज के जयनगर गौरा में जन्मे बाबू मोहन सिंह की गिनती देश के बड़े राजनीतिज्ञों में होती है। कैंसर की बीमारी के कारण समाजवादी चिंतक मोहन सिंह का 22 सितंबर 2013 को निधन हो गया था। उनकी अन्येष्टि में सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और ब्रह्मभोज में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आए थे। बरहज में सरयू पर पुल बनने के बाद सेतु का नाम मोहन सेतु रखा गया।
वहीं, जिला पंचायत के एक गेट का नाम भी मोहन सिंह के नाम पर रखा गया। उनकी बेटी और राज्यसभा सदस्य कनकलता सिंह ने प्रदेश सरकार से मांग की थी कि जिला अस्पताल का नामकरण बाबू मोहन सिंह के नाम पर कर दिया जाए। शासन ने इस पर अपनी मुहर लगा दी है।
अब जिला चिकित्सालय का नाम बाबू मोहन सिंह जिला चिकित्सालय होगा। शासनादेश मिलते ही जिला प्रशासन और सीएमओ कार्यालय की ओर से इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। परिसर में लगी बागवानी में स्वर्गीय मोहन सिंह की प्रतिमा लगाई जाएगी। इस पर उनका संक्षिप्त जीवन परिचय भी लिखा जाएगा।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. डीके सिंह ने बताया कि शासन ने जिला चिकित्सालय का नामकरण बाबू मोहन सिंह जिला चिकित्सालय होगा। अस्पताल परिसर में उनकी प्रतिमा भी लगानी है। इसकी कार्रवाई चल रही है। जल्द ही इसे पूरा करा लिया जाएगा।