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शोर मचाओगे तो यहां से रेफर कर देंगे...

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बबिता को नहीं मिला स्ट्रेचर। - फोटो : amar ujala
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 देवरिया। शाम ढलने के बाद जिला अस्पताल की इमरजेंसी सेवा बेपटरी हो जाती है। डॉक्टर और कर्मचारी मनमाने हो जाते हैं। मरीज छटपटाए या तीमारदार गिड़गिड़ाए कोई सुनने वाला नहीं होता। शोर मचाने पर रेफर करने की धमकी मिलती है। मरीजों को स्ट्रेचर भी नहीं मिलता, उन्हें गोद में उठाकर बेड तक पहुंचाना पड़ता है। डॉक्टर, फार्मासिस्ट और वार्ड ब्वॉय के अलावा कई प्राइवेट कर्मी भी मरहम पट्टी और इंजेक्शन लगाते हैं, जिनका मकसद इलाज के नाम पर धनउगाही होता है। अव्यवस्था के कारण पूर्व में कई बार हंगामा हो चुका है, बावजूद आदत नहीं सुधर रही। यही हाल इलाज में मददगार साबित होने वाली एंबुलेंस की है, जो वक्त पर नहीं पहुंच रही है। शनिवार की रात अस्पताल में कुछ ऐसा ही नजारा दिखा।
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केस-एक
पैदल सहारा दे कर ले गए अंदर
भागलपुर निवासी लक्ष्मीना देवी की तबीयत रविवार को अचानक बिगड़ गई। भागलपुर पीएचसी से रेफर होने पर घर वाले एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाए। एंबुलेंस में रखा स्ट्रेचर खराब था और इमरजेंसी पर भी इसकी सुविधा नहीं मिली। परिवार के लोगों को बीमार महिला को पैदल ही अस्पताल के अंदर ले जाना पड़ा। 

केस-दो
लार के कठौड़ी निवासी ठाकुर राजभर की बेटी बबिता की तबीयत रविवार को बिगड़ गई। घर के लोग 108 पर फोन किए। एंबुलेंस नहीं पहुंच तो उसे बाइक से लेकर लार सीएचसी पहुंचे। वहां से डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल की  इमरजेंसी में स्ट्रेचर न मिलने पर गोद में लेकर अस्पताल के अंदर ले गए।
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केस-तीन
रुद्रपुर के कोरवा गांव निवासी सर्वेश (32), गंगा प्रसाद (28) और पुष्पक (30) शनिवार की शाम उसरा चौराहा के समीप सड़क हादसे में घायल हो गए। स्थानीय लोग इमरजेंसी ले आए। प्राथमिक उपचार में देरी पर हंगामा शुरू किया तो कर्मचारी रेफर करने की धमकी देने लगे। आर्थिक रूप से कमजोर लोग खामोश हो गए।
कोर्ट
रात में अस्पताल की इमरजेंसी अराजकतत्वों के सक्रियता की शिकायत मिली है। प्राइवेट एंबुलेंस चालक जबरन मरीजों को रेफर कराकर लेकर चले जाते हैं। इसकी शिकायत डीएम और एसपी से की गई है। व्यवस्था में सुधार लाने की कोशिश की जा रही है। 
-डॉ. छोटेलाल, सीएमएस जिला अस्पताल। 

समय पर नहीं मिलेगी एंबुलेंस सेवा
केस-एक
लार नगर निवासी हिमांशु राय (32) सलेमपुर के महदहा के समीप बाइक लेकर गिर गए। लोगों ने 108 पर फोन किया। कॉल रिसीव करने वाली महिला ने बताया कि कोई एंबुलेंस खाली नहीं है। दो से तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ेगा। एंबुलेंस सुविधा न मिलने पर निजी वाहन से घायल को किसी तरह जिला अस्पताल लाना पड़ा।  

केस-दो
सलेमपुर के जिगनी बाग निवासी पारस चौहान (58) और मालीपुर निवासी बृजेश (35) साइकिल से घर जा रहे थे। नवलपुर चौराहा के पास हादसे में घायल हो गए। 108 पर फोन किया तो एंबुलेंस नहीं पहुंची। सलेमपुर सीएचसी निजी वाहन से पहुंचाया। जिला अस्पताल रेफर होने के बाद एंबुलेंस नहीं मिलने पर हंगामा किया।

केस-तीन
देवरिया के फुलवरिया करन निवासी केशव प्रसाद राज मिस्त्री का कार्य करते हैं। शनिवार की शाम साइकिल से घर जाते समय कतरारी काली मंदिर के समीप गड्ढे में गिर गए और एक पैर टूट गया। गांव के एक युवक ने एंबुलेंस के लिए फोन किया। लेकिन सुविधा नहीं मिली और लोगों को बाइक से लेकर अस्पताल आना पड़ा।
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