पूर्वजों के उद्धार के लिए भगीरथ के प्रयास से धरती पर आई थीं मां गंगा
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। ज्येष्ठ शुक्ल की दशमी तिथि को गंगा दशहरा पर्व पर रविवार को भक्तों ने सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाई। स्नान करने के बाद लोगों ने दान-पुण्य भी किया। मान्यता है कि पूर्वजों के उद्धार के लिए भगीरथ प्रयास से आज ही के दिन स्वर्ग से धरती पर मां गंगा का आगमन हुआ था।
पर्व पर भोर से ही स्नान के लिए लोगों की भीड़ जुटने लगी। तीक्ष्ण धूप और भीषण गर्मी को देखते हुए लोगों ने समय से स्नान किया। मौसम को देखते हुए कुछ लोग असमर्थता के कारण घरों पर ही स्नान-दान किए। पंडित अरविंद त्रिपाठी का कहना है कि शीतल जल में तुलसी पत्र डालकर मां गंगा का ध्यान करते हुए घरों पर स्नान करने से लोग नदी में स्नान करने के बराबर पुण्य के भागी होते हैं। उन्होंने कहा कि आज का दिन विशेष महात्म्य वाला है। बरहज सरयू तट के अलावा कपरवार संगम तट, पैना आदि जगहों पर लोगों ने स्नान-दान किया।