संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले में इन दिनों नए आधार कार्ड बनवाने या अपडेट कराने वालों को परेशान होना पड़ रहा है। लोग सुबह ही लाइन में लग जाते हैं, फिर कई लोगों के काम नहीं हो पाते। कर्मचारी सर्वर डाउन होने का हवाला देते हैं। वहीं दूर दराज इलाकों से आने वाले लोगों का समय बर्बाद होता है, क्योंकि बैंकों व बीआरसी में नया आधार कार्ड नहीं बनने व अपडेट नहीं होने के चलते लोगों को केवल डाकघर पर ही निर्भर होना पड़ रहा है। यहां एक दिन में 100 से 120 आधार कार्ड नए और अपडेट किए जा रहे हैं, जबकि बैंकों में आए दिन सर्वर ठप रहता है।
प्रधान डाकघर के अलावा सलेमपुर, रुद्रपुर, भाटपारानी, गौरीबाजार आदि डाकघर में आधार कार्ड बनवाने और त्रुटियों को ठीक किया जा रहा है। इसकी व्यवस्था बैंकों व जिले की सभी बीआरसी पर भी थी, लेकिन सर्वर डाउन होने के चलते बैंकों में आधार कार्ड अपडेट नहीं हो पा रहा है। वहीं बीआरसी में अभी ऐसी व्यवस्था शुरू नहीं है। इधर प्रधान डाकघर में आधार कार्ड का एक ही काउंटर है, जहां रोजाना 40 से 50 आधार कार्ड बनाए जाते हैं। इसके अलावा पांच साल से छोटे बच्चों के आधार कार्ड पोस्ट मैन द्वारा बनवाए जाते हैं, लेकिन यहां आधार कार्ड बनवाने के लिए रोजाना 100 से ज्यादा लोग अपना आवेदन कर रहे हैं। नाम लिखवाकर बुकिंग लेनी पड़ती है, तब आधार बनाया जाता है। हालांकि प्रधान डाकघर में आधार बनवाने या अपडेट कराने आने वाले वृद्ध व दिव्यांग को विशेष सहूलियत प्रदान की जा रही है। लाइन से इतर उनको अलग से बुलाकर उनकी समस्या को दूर कराया जा रहा है।
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सर्वर डाउन होने के चलते 10 से 25 आधार कार्ड हो रहे अपडेट
प्रधान डाकघर सहित अन्य डाकघरों में सर्वर डाउन होने से लाइन में घंटों आधार कार्ड अपडेट कराने वालों को खासा परेशान होना पड़ रहा है। लाइन में घंटों इंतजार के बाद जब उनका नंबर आ रहा है तो सर्वर स्लो हो जा रहा है। कर्मचारी सर्वर डाउन की बात बोल रहे हैं। जिसके चलते उनका अपडेट नहीं हो पा रहा है। डाकघर में रोजाना अपना कार्य करवाने के लिए सैंकड़ों लोग आते हैं। विगत एक सप्ताह से प्रधान डाकघर के सर्वर में खराबी आ गई थी, जो सोमवार को ठीक हुआ। इसके बाद भी आधार कार्ड बनवाने लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
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कर्मचारी भी मान रहे सर्वर डाउन होने से हो रही परेशानी
प्रधान डाकघर के कंप्यूटर ऑपरेटर संतोष पांडेय का कहना है कि प्रधान डाकघर में रोजाना भीड़ में मौजूद दिव्यांग व वृद्ध व्यक्तियों का प्राथमिकता के आधार पर आधार कार्ड बनाया जाता है। आए दिन सर्वर डाउन होने के वजह से काफी परेशानी हो रही है। सर्वर डाउन होने के चलते नए आधार कार्ड नहीं बन पा रहे है। वहीं उनको अपडेट भी नहीं किया जा पा रहा है। सहायक कंम्प्यूटर ऑपरेटर अविनाश उपाध्याय बताते हैं कि आए दिन आधार कार्ड बनवाने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। एक-एक कर लाइन में खड़े लोगों का आधार बनाया जाता है और अपडेट किया जाता है। थोड़ा सा लेट होने पर लाइन में खड़े लोग हो-हल्ला पर उतारु हो जाते हैं, जिन्हें समझा-बुझाकर शांत कराकर उनकी समस्या का समाधान कराया जाता है।
इनसेट में
जन्म प्रमाण पत्र पर बार कोड नहीं होने से परेशान हो रहे परिजन
डाकघर में आधार कार्ड बनाया जा रहा है। ज्ञातव्य है कि इसके लिए जन्म प्रमाणपत्र का होना अनिवार्य है। जन्म प्रमाणपत्र बनाने की जटिलताओं के कारण अधिकतर बच्चों का आधार कार्ड नहीं बन पा रहा है। इससे बच्चों व उनके परिजनों को काफी परेशान होना पड़ रहा है। इस कारण बच्चों का जन्म प्रमाण पर बार कोड का न होना है। कई तो अस्पताल व मेडिकल कॉलेज से जारी जन्म प्रमाण पत्र लेकर आधार कार्ड बनवाने चले आ रहे है। घंटों लाइन में लगने के बाद जब उन्हें जानकारी मिल रही है कि उनका जन्म प्रमाण पर बार कोड नहीं है। इसके बाद परिजन हो-हल्ला करते हुए नाराजगी जताते हुए बैरंग लौटने को मजबूर हो रहे हैं।
कोट
आधार कार्ड बनवाने के लिए लोग केवल प्रधान डाकघर पर आ रहे हैं। इसके चलते रोजाना खासी भीड़ हो रही है। प्रतिदिन सौ से अधिक आवेदन आते हैं। प्रयास रहता है कि अधिक से अधिक लोगों का आधार कार्ड बनाया जाए और अपडेट कराया जाए। लोगों की समस्या को देखते हुए दो शिफ्ट में आधार कार्ड बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
अजय पांडेय, अधीक्षक, प्रधान डाकघर