संवाद न्यूज एजेंसी देसही देवरिया। मुंडेरा उर्फ देउरवा गांव में डायरिया से एक महिला की मौत हो गई। 15 से अधिक लोग इसकी चपेट में आ गए हैं। इससे गांव के लोग दहशत में हैं। शुक्रवार को जानकारी के बाद स्वास्थ्य टीम ने गांव में जाकर रोकथाम का उपाय शुरू किया।
क्षेत्र के मुंडेरा उर्फ देउरवा गांव में 28 अक्तूबर को श्रीकिशुन प्रसाद की बेटी रुचि संक्रामक रोग डायरिया की चपेट में आ गई। उल्टी दस्त होने के बाद इसकी हालत अचानक बिगड़ गई। गांव के लोगों के सहयोग से महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। गंभीर हालत देख डाक्टरों ने उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
उधर, उसकी मां रंभा देवी (60), भी डायरिया की चपेट में आ गईं। आनन - फानन में उन्हें भी महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज भिजवाया गया। इलाज के दौरान उसी रात मौत हो गई।
इसके बाद इस रोग ने गांव में तेजी से अपना पैर पसार लिया। इसकी जद में गांव के शिव बालक (10), प्रिंस (5), ममता (26), रोहित (5), राजेंद्र प्रसाद (65), प्रियंका (13), गीता देवी (42), अभय (5), अविनाश (3), वीरू (13), नंदिनी (15) सहित 13 से अधिक लोग डायरिया की चपेट में आ गए।
किसी का जिले से तो किसी को कुशीनगर तो वहीं किसी का स्थानीय चौराहा पर उपचार कराया जा रहा है। मृतका रंभा की बेटी की हालत में सुधार होने पर शुक्रवार को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज से डाक्टरों ने छुट्टी देकर घर भेज दिया। इस रोग के बढ़ने से गांव के लोगों में अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोग इस कदर भयभीत हैं कि गांव के बाहर स्थित देवी स्थान पर महिलाओं ने पूजा - पाठ शुरू कर अपने परिवार और गांव की सुरक्षा के लिए मन्नतें भी मांगनी शुरू कर दी है।
उधर, शुक्रवार को गांव के भाजपा नेता प्रभुनाथ पांडेय और पूर्व प्रधान रामनिवास सिंह की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची। लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर इलाज शुरू किया गया। लोगों को जरूरी दवाएं वितरित कर बचाव के उपाय बताए गए।