डायबिटीज के मरीज कोरोना से रहें सतर्क
देवरिया। कोरोना का संक्रमण कम हो गया है और मरीजों की संख्या भी घट गई है। कोरोना के टीकाकरण की तैयारी चल रही है, लेकिन कोरोना वायरस से बचाव के लिए बुजुर्गों, बच्चों के अलावा डायबिटीज के मरीजों को सतर्क रहने की जरूरत है। ऐसे लोगों की इम्युनिटी कमजोर होती है, ऐसे में ये लोग आसानी से संक्रमित हो सकते हैं। कोरोना वायरस डायबिटीज के टाइप-1 और टाइप-2 दोनों तरह के मरीजों के लिए खतरनाक है। कोरोना तेजी से फैलने वाली बीमारी है, लेकिन इससे मरने वालों का आंकड़ा फिर भी कम है। वहीं डायबिटीज की बीमारी की वजह से कोरोना वायरस से ग्रसित होने के बाद मरने वालों की संख्या ज्यादा है।
जिले के कोविड एल-2 अस्पताल के नोडल डॉ. विजय गुप्ता का कहना है कि डायबिटीज जैसी बीमारी वाले लोगों की इम्युनिटी कमजोर होती है, जिसकी वजह से उनमें कोरोना वायरस से खतरा ज्यादा होता है। ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें कोरोना वायरस से मरने वाले लोग पहले से ही डायबिटीज के मरीज थे। इस तरह के मामलों को देखते हुए डायबिटीज के मरीजों को अपना विशेष ख्याल रखने की जरूरत है, ताकि बीमारी से बचा जा सके।
ऐसे करें बचाव
कोरोना से बचने के लिए डायबिटीज को सही तरीके से कंट्रोल करना जरूरी है। इसके लिए घर पर ही ग्लूकोज मीटर से अपना शुगर लेवल चेक करते रहे। आलस्य न करें और घर में भी कुछ न कुछ करते रहें। डायबिटीज के मरीजों को एक्टिव रहना बहुत जरूरी है और इसके लिए दिन की शुरुआत कम से कम 30 मिनट की एक्सरसाइज से करनी चाहिए। एक ही जगह पर एक घंटे तक लगातार बैठकर काम करना भी डायबिटीज के मरीजों के लिए अच्छा नहीं है। उन्हें हर पांच मिनट में ब्रेक लेकर थोड़ा टहलना चाहिए। चिकित्सक और डाइटीशियन से डाइट की मात्रा पूछते रहें। हर दिन कम से कम आठ से 10 घंटे की नींद जरूर लें। अगर बुखार, गले में खरास या जोड़ों में दर्द की शिकायत है तो अपने मन से कोई भी दवा न लें। ऐसा करने से तकलीफ और बढ़ सकती है। डॉक्टर को दिखा कर मधुमेह की जांच समय-समय पर अवश्य कराते रहें।