देवरिया। शहर के रामलीला मैदान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन रविवार को ध्रुव प्रसंग की कथा सुनाई गई।
साध्वी भाग्यश्री भारती ने कहा कि भक्त ध्रुव जिस परमात्मा को प्राप्त करने के लिए वन की ओर निकले थे, देवर्षि नारद के माध्यम से उस परमात्मा को प्राप्त कर लिया।
उन्होंने कहा कि यदि हम भी भक्त ध्रुव की भांति उस ईश्वर को प्राप्त करना चाहते हैं तो हमें भी आवश्यकता है, ऐसे पथप्रदर्शक की, ऐसे गुरु की जो हमारे भी अंतःकरण में उस ईश्वर का साक्षात्कार करा दे। क्योंकि गुरु के बिना कोई भी परमात्मा को नहीं प्राप्त कर सकता।