सलेमपुर। सांसारिक मोह माया से मुक्ति का माध्यम भक्ति है। इसके बल पर मानव शरीर को मोक्ष की प्राप्ति होती है। ये बातें क्षेत्र के अहिरौली में चल रहे देवी भागवत पुराण कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराते हुए आचार्य अजय शुक्ल ने कही। उन्होंने भगवान शिव की पहली पत्नी सती की कथा सुनाते हुए कहा कि दक्ष प्रजापति की पुत्री सती ने पिता के विरोध के बावजूद भगवान शिव से विवाह किया था। जब दक्ष प्रजापति ने यज्ञ का आयोजन किया था तो शिवजी को अपमानित करने के लिए निमंत्रण नहीं भेजा था, लेकिन सती बिना बुलावे के ही यज्ञ में पहुंच गईं। कथा के दौरान गोरख प्रसाद गुप्ता, पिंकी देवी, गुड्डू बाबा, चंद्रभूषण तिवारी, प्रतीक मिश्र, मुन्ना, विमला देवी, पार्वती देवी, विनोद कुमार मौजूद रहे। संवाद