शासन को भेजा गया नगर क्षेत्र का ब्योरा, संशय बरकरार
देवरिया। नगर पालिका परिषद देवरिया के सीमा विस्तार को लेकर अब तक आश्वस्त रहे हुक्मरान अब संशय में हैं। कारण कि बीते एक साल से जो भी आख्या शासन को भेजी जा रही है, उसमें हर बार कोई न कोई कमी निकल जा रही है। कुछ दिनों पहले शासन ने सीमा विस्तार के लिए 1930 में प्रकाशित गजट मांगा था। नगर पालिका ने पहले से शामिल गांवों की संख्या, गाटा और क्षेत्रफल का ब्योरा शासन को भेजा है।
शासन ने वर्ष 1930 में गांव से नगर पंचायत फिर नगर पालिका बने शहर की अधिसूचना की प्रति मांगी थी। उन गांवों का विस्तृत विवरण भी मांगा गया है जो वर्तमान समय में नगर पालिका का हिस्सा हैं। 90 साल पुराना अभिलेख होने के चलते दो माह पूर्व ही यह मांग पूरी करने में नगर पालिका ने असमर्थता जता दी, लेकिन कुछ दिनों पहले विशेष सचिव ने फोन कर दोबारा अभिलेख की मांग की तो प्रशासकीय अमला हरकत में आ गया। सीआरओ, ईओ ने गोरखपुर कमिश्नरी में फाइलों की खाक छानी। गजट हाथ नहीं आया तो राजस्व विभाग की मदद से नगर पालिका में शामिल गांवों का गाटा, क्षेत्रफल सहित ब्योरा सोमवार को शासन को भेज दिया। 30 साल पुराने गजट की प्रति उपलब्ध न होने से शहर के सीमा विस्तार में संशय बरकरार है।
नगर पालिका की मौजूदा स्थिति
- 15 गांव शामिल हैं नगर पालिका में।
- 8597 गाटा मिलाकर बनी है नगर पालिका।
- 1308.501 हेक्टेयर है नगर पालिका का क्षेत्रफल।
शासन ने शहर के सीमा विस्तार के लिए 1930 के गजट की प्रति व नगर पालिका में पहले से शामिल गांवों का ब्योरा मांगा था। काफी प्रयास के बाद भी गजट अभी उपलब्ध नहीं हो पाया है। इस संबंध में शासन में बातचीत की जा रही है।
- अलका सिंह, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद देवरिया