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विधायक-एसपी में धक्का-मुक्की, नारेबाजी

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विधायक-एसपी में धक्का-मुक्की, नारेबाजी
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कृषि मंत्री, सांसद के लिए तोड़ा नियम तो आक्रोशित हो गए सपाई, लगाए हाय-हाय के नारे
नामांकन के दौरान विधायक और सपा अध्यक्ष के अंदर जाने की जिद कर रहे थे सपा कार्यकर्ता
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में कृषि मंत्री और सांसद के अंदर जाने को लेकर सपा कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी। एसडीएम को कुछ कार्यकर्ताओं ने अपमानजनक शब्द कहा तो वह अंदर चले गए। थोड़ी देर बाद एसपी पहुंचे तो विधायक भाटपाररानी से उनकी कहासुनी के बाद धक्का-मुक्की शुरू हो गई। धक्का-मुक्की शुरू होते ही पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर सपाइयों को खदेड़ा। पूर्व विधायक गजाला लारी समेत कई सपा कार्यकर्ताओं को चोटें आईं हैं। पुलिस एक सपा कार्यकर्त्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
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जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सपा ने शैलजा यादव को और भाजपा ने गिरीश तिवारी को अपना प्रत्याशी बनाया है। शनिवार को लॉकडाउन होने की वजह से प्रशासन ने सपा और भाजपा प्रत्याशी को तीन की संख्या में आने का आदेश जारी किया था। एसपी ने फोन से सपा जिलाध्यक्ष से बात कर नियमों का हवाला दिया था। सपा कार्यकर्त्ता बांस देवरिया कार्यालय पर सैकड़ों की संख्या में एकत्रित हुए थे। वहीं, भाजपा कार्यकर्ताओं की जुटान टाउनहाल पर हुई। सपा कार्यकर्ता बांस देवरिया कार्यालय से जुलूस लेकर निकले तो कचहरी चौराहे पर एसडीएम सौरभ सिंह, सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी ने उन्हें बैरियर लगाकर रोक दिया। लेकिन सपा कार्यकर्त्ता कलेक्ट्रेट गेट तक आने की जिद पर अड़ गए। कलेक्ट्रेट का दक्षिणी गेट पुलिस ने बंद कर दिया था। जहां सपा प्रत्याशी शैलजा यादव ने दो अन्य महिला जिला पंचायत सदस्यों और एमएलसी रामसुंदर दास के साथ अंदर प्रवेश किया। दो अधिवक्ता पहले से ही अंदर मौजूद थे। सपा विधायक आशुतोष उपाध्याय, जिलाध्यक्ष डॉ. दिलीप यादव, पूर्व विधायक गजाला लारी, पीडी तिवारी, अजय यादव अंदर जाना चाहते थे। लेकिन प्रशासन ने उन्हें रोक दिया। एसडीएम ने विधायक को अंदर जाने के लिए कहा तो उन्होंने अकेले जाने से मना कर दिया। थोड़ी देर बाद भाजपा प्रत्याशी गिरीश तिवारी अंदर दो सदस्यों के साथ आए तो सपा कार्यकर्ता हल्ला करने लगे कि नियम एक जैसा होना चाहिए। इसी दबाव में प्रशासन ने बरहज क्षेत्र के एक जिला पंचायत सदस्य अखंड प्रताप सिंह को बाहर कर दिया। गिरीश तिवारी के साथ सिर्फ एक सदस्य ही अंदर आ सके। ऐसे में उन्होंने विरोध जताया तो एक और सदस्य को आने दिया गया। वह प्रस्तावक, समर्थकों के साथ अंदर नामांकन करने चले गए। थोड़ी देर बाद कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही, सांसद सलेमपुर, जिलाध्यक्ष भाजपा अंतर्यामी सिंह एवं दो तीन अन्य लोग आए तो उनके लिए गेट खुल गया। इसी बात से नाराज सपा कार्यकर्त्ताओं ने हूटिंग शुरू कर दी। कृषि मंत्री के खिलाफ एवं प्रशासन हाय-हाय के नारे लगाने लगे। पुलिसकर्मियों ने हटाने का प्रयास किया तो धक्का-मुक्की शुरू कर दी। दो बार एसडीएम ने मनाने की कोशिश की तो उन्हें कुछ लोग अपशब्द कहने लगे। हंगामे की सूचना पर एसपी पहुंचे तो सपा विधायक से उनकी बहस हो गई। एसपी ने कहा कि नारेबाजी और हूटिंग क्यों हो रही हैं। उन्होंने गुंडई न करने की नसीहत दी तो सपा विधायक ने कहां कि ऊंची आवाज में बात न करिए। हाथ न लगाइए। एसपी ने कहा कि अध्यक्ष से बात हुई थी कि जुलूस लेकर नहीं आइएगा तो 150 लोगों को लेकर क्यों आ गए। अध्यक्ष दिलीप यादव कुछ बोलते तब तक विधायक ने कहा कि आपको भाजपाई दिखाई नहीं देते, नौ लोग क्यों अंदर गए हैं। फिर एसपी ने कहा कि तो आप गुंडई करेंगे, विधायक ने कहा कि आप चिल्लाएंगे। फिर धक्का-मुक्की शुरू हो गई। पुलिसकर्मियों ने इस दौरान पीडी तिवारी, अशोक यादव को धक्का देकर अलग हटा दिया। वहीं, एसडीएम को अपशब्द कहने वाले सपाई की पिटाई विधायक के सामने शुरू कर दी। विधायक को धकेलते पुलिसकर्मी सड़क तक ले गए। उधर, कार्यकताओं को लाठी लेकर दौड़ा लिया। सपा जिलाध्यक्ष दिलीप यादव का कहना है कि पुलिस की लाठीचार्ज में पूर्व विधायक गजाला लारी, साहू राठौर महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मोहन गुप्ता, श्याम बहादुर भारती, अशोक यादव, अभिजीत यादव, संतोष, पंकज चौरसिया आदि कई लोगों को चोटें आईं हैं। वहीं, एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने कहा है कि सपाइयों ने नियम तोड़ा है। हंगामा कर उपद्रव किया। उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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