इलाके के गांव परसिया छितनी सिंह निवासी द्वारिका कुशवाहा का घोठा गांव से बाहर स्याही नदी के किनारे खेत है। हर रोज की तरह द्वारिका अपनी भैंस नहलाने के लिए स्याही नदी में ले गए। भैंस नहाते समय अचानक जेसीबी द्वारा खोदकर निकाली गई मिट्टी के कारण गहरे गड्ढे में चली गई। भैंस को घेरते समय द्वारिका डूबने लगे। यह देख उनकी शादीशुदा बेटी अमलावती नदी में उतर गई और वह भी डूबने लगी। यह देख पास खड़ी दूसरी बेटी कलावती शोर मचाते हुए दोनों को बचाने के लिए नदी में उतर गई और वह भी डूबने लगी।
शोर सुनकर ग्रामीण इकट्ठा हो गए और डूब रही कलावती (25) को बाहर निकाल लिया और तेज धार में बह गए द्वारिका (60) और अमलावती (30) को ढूंढने लगे। थोड़ी देर बाद ग्रामीणों ने दोनों को बाहर निकाला और प्राइवेट चिकित्सक के यहां ले गए, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। घटनास्थल पर पहुंचे एसआई अविनाश मौर्य ने बताया कि डूबने से दो लोगों की मौत हो गई है और एक को बचा लिया गया है।