शिलान्यास से पूर्व सोलर पॉवर प्लांट परियोजना पर विवाद
प्रधान के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान, बोले अफसरों के दावे झूठे, हमने नहीं दी जमीन
डीएम की अनुपस्थिति में सीआरओ को सौंपा पत्र, आज परियोजना का होना है शिलान्यास
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। जंगल ठकुरही में लगने वाले 100 मेगावाट का सोलर पॉवर प्लांट भूमिपूजन से पहले ही विवादों में आ गया है। पॉवर प्लांट के लिए जमीन मिलने के सरकारी दावों को खारिज करते हुए 50 से अधिक किसानों ने शनिवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर सीआरओ को पत्र दिया। उन्होंने अपनी भूमि को कृषि योग्य बताते हुए उसे सोलर पॉवर प्लांट के लिए देने से इन्कार किया। बता दें कि रविवार को इस परियोजना का लखनऊ में भूमिपूजन होना है। तीन दिन पहले ही प्रशासन ने परियोजना के लिए 500 एकड़ भूमि मिलने का दावा किया था।
लखनऊ की एम प्लस पॉवर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी साढ़े पांच सौ करोड़ निवेश कर जिले में 100 मेगावाट का सोलर पॉवर प्लांट लगाने की तैयारी में है। इसकी ग्राउंड बेकिंग सेेरेमनी 28 को लखनऊ में होगा। दो दिन पहले ही डीएम अमित किशोर ने बताया था कि परियोजना के लिए जंगल ठकुरही गांव में जमीन मिल गई है। कंपनी के अधिकारियों ने भी 350 किसानों से 25 वर्ष के लिए किराए पर जमीन का अनुबंध करने का दावा किया था। समाचार पत्रों के माध्यम से जब इसकी जानकारी किसानों को हुई तो वह शनिवार को कलेक्ट्रेट पहुंच गए। सीआरओ से मिलकर किसानों ने प्रधान किरन मिश्रा के नेतृत्व में मांगपत्र सौंपा। उनका कहना था कि किसानों का अभी किसी कंपनी से सोलर पॉवर प्लांट लगाने के लिए जमीन का अनुबंध नहीं हुआ है। उनकी भूमि कृषि योग्य है और उनके जीविकोपार्जन का माध्यम है। अपनी कृषि भूमि को वह सोलर पॉवर प्लांट के लिए नहीं देंगे। सीआरओ रामसहाय यादव ने बताया कि बिना किसानों की सहमति के बिना जमीन का अनुबंध नहीं हो सकता। कंपनी के दावे और किसानों के आरोपों की जांच की जाएगी। मामले से उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया जाएगा। इसके बाद ही अगली कार्रवाई होगी। इस प्रकरण में एसडीएम से आख्या मांगी गई है।