देवरिया। मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा व्यवस्था को और चाक-चौबंद बनाया जाएगा। इसके लिए पूर्व सैनिकों की संख्या बढ़ाने की कवायद की जा रही है। इसके मद्देनजर चार सुपरवाइजर और 101 पूर्व सैनिकों की मांग शासन से की गई है। अभी करीब 39 सुरक्षा कर्मी तैनात हैं। इसके अलावा होमगार्ड को तैनात किया गया है। सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ने से चप्पे-चप्पे पर इनकी नजर होगी और अराजकतत्वों, बाइक चोरी सहित अन्य घटनाओं पर अंकुश लग सकेगा।
कोलकाता की घटना को लेकर शासन व मेडिकल कॉलेज प्रशासन सतर्क हो गया है। यहां आए दिन डाॅक्टरों, मरीजों और तीमारदारों में मारपीट की घटना होती। ओपीडी में विवाद होता रहता है। वहीं पिछले एक माह में कैंपस परिसर से बाइक चोरी की करीब पांच घटनाएं हुई हैं। इसको लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन कैंपस की सुरक्षा और बढ़ाने के लिए सक्रिय हो गया है। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में भीड़ बढ़ गई। जिले के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा बिहार प्रांत के सीमावर्ती इलाके सहित करीब चार से पांच हजार लोग इलाज कराने आते हैं।
इनके साथ तीमारदार भी होते हैं। इसमें अराजकतत्व व अपराधी प्रवृत्ति के लोग भी घूमते रहते हैं। इस पर अंकुश लगाने और सुरक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त करने के लिए प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल के निर्देश पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही किस स्थान पर सुरक्षा कर्मी की जरूरत हैं और इसके लिए कितने कर्मियों की आवश्यकता होगी, इसका खाका तैयार किया गया।
इसके तहत इमरजेंसी में होमगार्ड के अलावा पूर्व सैनिकों की चौबीस घंटे, पुरुष व महिला वार्ड, एमसीएच विंग व ब्वाॅयज हास्टल के पास सहित परिसर में कई स्थानों पर तैनाती के लिए जगह चिह्नित किए गए। इसके अलावा दो सुरक्षा कर्मियों के परिसर में पेट्रोलिंग पर रहने की योजना बनाई गई है। इसके लिए 101 पूर्व सैनिक और इनके सुपरविजन के लिए चार सुपरवाइजर की मांग शासन से की गई है। इनके आने के बाद परिसर में हर जगह सुरक्षा कर्मी तैनात रहेंगे। इस समय तीन सुपरवाइज और 36 पूर्व सैनिक तैनात किए गए हैं। रात के समय कुछ स्थानों को छोड़कर सुरक्षा कर्मी नहीं रहते हैं।
सुरक्षा में तैनात हैं 41 होमगार्ड के जवान
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में पूर्व सैनिकों के अलावा होमगार्ड की तैनाती है। इसमें एक कंपनी कमांडर और 40 होमगार्ड हैं, जिसमें छह महिलाएं शामिल हैं। इन्हें इमरजेंसी, ओपीडी और महिला अस्पताल में तैनात किया गया है। इनके जिम्मे भीड़ को नियंत्रित करने सहित सुरक्षा की जिम्मेदारी है। दिन में संख्या अधिक रहती है, जबकि रात में कम हो जाती है। दोपहर दो बजे के बाद इनकी ड्यूटी समाप्त हो जाती है, केवल इमरजेंसी पर ही तैनात रहते हैं। परिसर में सुरक्षा कर्मियों की कमी रहती है। जबकि डेढ़ साल पहले एक कंपनी कमांडर सहित 48 होमगार्ड तैनात थे, जिसमें छह महिलाएं भी थीं।
कोट
मेडिकल कॉलेज परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और सुदृढ़ करने के लिए योजना बनाई गई है। शासन को पूर्व सैनिकों की संख्या बढ़ाने की डिमांड की गई है। इसके तहत चार सुपरवाइजर और 101 सुरक्षा कर्मियों की मांग की गई।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस
कोट
मेडिकल कॉलेज परिसर की सुरक्षा के लिए और सुरक्षा कर्मियों की मांग की गई है। इसके लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
-डॉ. पुरुषोत्तम, जनसंपर्क अधिकारी