तरकुलवा। अधिकारियों की उदासीनता और आपसी खींचतान विकास खंड क्षेत्र के गांवों के विकास को पलीता लगा दिया है। राज्य वित्त एवं 13वें वित्त का लगभग ढ़ाई करोड़ रुपया सिर्फ एक हस्ताक्षर के लिए खाते में पड़ा है, गांवों को स्थानांतरित नहीं हो सका है। जबकि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में सिर्फ दो दिन बचे हैं। यही खींचतान चलती रही तो ग्राम पंचायतों के विकास के लिए आया करीब ढाई करोड़ रुपया लैप्स हो जाएगा।
विकास खंड क्षेत्र की 52 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों का करीब ढाई करोड़ रुपया डोंगल के पेंच से फंसा है। दिक्कत ब्लॉक कार्यालय के एकाउंटेंट के स्थानांतरण से उत्पन्न हुई है। दरअसल, विकास खंड कार्यालय पर कार्यरत एकाउंटेंट योगेश गुप्ता का स्थानांतरण करीब बीस रोज पहले ब्लॉक कार्यालय भलुअनी के लिए हो गया। वे यहां से बिना रिलीविंग लिए वहां जाकर ज्वाइन कर लिए। इस बीच उन्हीं के डोंगल से यहां का काम चलता रहा। इधर, उनकी जगह पथरदेवा ब्लॉक पर कार्यरत एकाउंटेंट जितेंद्र कुमार की तैनाती तरकुलवा में हो गई। लेकिन, वे यहां ज्वाइन नहीं किए। इस बीच उच्चाधिकारियों की फटकार पर पूर्व में तैनात एकाउंटेंट योगेश गुप्ता ने चार-पांच रोज पहले अपना डोंगल ले लिया। इसके बाद से ग्राम पंचायतों के खातों में धनराशि का स्थानांतरण ठप है।
ग्राम पंचायतों में प्रधानों ने विकास कराए हैं। बिल, बाउचर भी उनके पास हैं लेकिन, उनका भुगतान नहीं हो पा रहा है। इधर, वित्तीय वर्ष में महज दो दिन बच गए हैं। यदि इन दो दिनों में ग्राम पंचायतों के खाते में धनराशि का स्थानांतरण नहीं हुआ तो विकास कार्य के लिए आया ढाई करोड़ रुपया लैप्स हो जाएगा। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि सीडीओ के हस्तक्षेप के बाद नए एकाउंटेंट ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उनका डोंगल एक्टिवेट कर ग्राम पंचायतों के खाते में अविलंब धनराशि स्थानांतरित कर दी जाएगी।