भागलपुर। सरयू नदी में लगातार तीसरे दिन भी बढ़त जारी रही। तुर्तीपार रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर रविवार शाम चार बजे 65 मीटर 15 सेमी दर्ज किया गया जो खतरे के निशान से 85 सेमी ऊपर है। आयोग ने अगले 24 घंटे जल स्तर में वृद्धि होने का लगाया है। नदी का पानी तटवर्ती गांवों में घुसने लगा है। जिससे तटवर्ती इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
सरयू नदी का तेवर अब धीरे-धीरे तबाही मचाने का ताना-बाना तैयार कर रहा है। स्थिति यह है कि अब नदी का पानी गांवों में घुसने लगा है। सरयू की उफनाती लहरों को देख ग्रामीण काफी दहशत में हैं। क्षेत्र के दर्जनों से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी के जलस्तर में वृद्धि को देख कर ऐसा लगने लगा है कि आने वाले दिनों में बाढ़ की स्थिति और भी विकराल हो सकती है। तहसील प्रशासन ने भी बाढ़ की आशंका को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार तुर्तीपार रेगुलेटर पर शाम चार बजे 65 मीटर 15 सेमी दर्ज किया गया, जो खतरे निशान 64 मीटर 30 सेमी से 85 सेमी ऊपर है।
शनिवार को नदी का जलस्तर 65 मीटर 2 सेमी दर्ज किया गया था। 24 घंटे के दौरान जलस्तर में 13 सेमी की बढ़ोतरी हुई है। केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के जेई प्रकाश ओझा ने बताया कि नदी का जलस्तर आधा सेमी प्रति घंटे की रफ्तार बढ़ रहा है। मीटर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अगले 24 घंटे के दौरान जल स्तर में वृद्धि होने का अनुमान है।