देवरिया। जनपद न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह के निर्देश पर सदर तहसील में विधिक साक्षरता व जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें सचिव मनोज कुमार तिवारी ने लोगों को विधिक रूप से साक्षर किया। कहा कि महिलाओं से संबंधित हितों के लिए सर्वोत्तम दृष्टिकोण अपनाते हुए उनको समाज से मिलाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
सचिव ने कहा कि तहसील स्तर पर वादकारियों को निशुल्क विधिक सहायता के लिए फ्रंट आफिस खोला गया है, जिसमें पैरालीगल वालंटियर नियुक्त किया गया है, जो हर समय निशुल्क विधिक सहायता प्रदान करने के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने महिलाओं के लिए उपलब्ध सरकारी कल्याणकारी योजनाएं, घरेलू हिंसा और कार्यस्थल पर हो रहे यौन उत्पीड़न संबंधी कानूनों की जानकारी दी। कहा कि संविधान द्वारा महिलाओं, बच्चों, गरीबों व कमजोर वर्ग के व्यक्तियों के लिए निशुल्क विधिक सहायता व सलाह का अधिकार प्रदान किया गया है विधिक जागरूकता से विधिक संस्कृति को बढ़ावा मिलता है।
सदर तहसीलदार कृष्ण कुमार मिश्रा ने शासन की ओर से महिलाओं से संबंधित संचालित योजना बाल सेवा योजना, रानी लक्ष्मीबाई महिला योजना तथा अन्य योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने राजस्व विभाग से संचालित, खतौनी, वरासत, हैसियत सहित विभिन्न विषयों के बारे में जानकारी दी। उपजिलाधिकारी सदर विपिन द्विवेदी ने केंद्र व राज्य सरकार की ओर से महिलाओं के आर्थिक, शिक्षा,नारी सुरक्षा एवं सम्मान, पुलिस हेल्प लाइन, शिक्षा एवं कौशल उन्नयन के लिए संचालित योजनाओं के बारे में बताया।
इस दौरान तहसील बार एसोसिएशन के प्रतिनिधि, नायब तहसीलदार तथा बड़ी संख्या में महिलाएं सहित अन्य लोग मौजूद रहे।