बरहज। कपरवार पश्चिमपुरा के निकट राप्ती बेतहाशा कटान कर रही है। जिससे नदी रिहायशी इलाके से सट कर बहने लगी है। नदी में हो रही कटान को देखते हुए बाढ़ खंड विभाग की पांच सदस्यीय टीम ने सर्वे करते हुए स्थलीय निरीक्षण किया है। नदी तट पर साढ़े करोड़ की लागत से कटान रोधी कार्य कराया जाएगा। जिसको लेकर लोगों में हर्ष है।
बाढ़ खंड विभाग के अधिशासी अभियंता राधेश्याम प्रसाद और सहायक अभियंता अशोक द्विवेदी के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम कपरवार पहुंची। टीम ने उग्रसेन पुल के निकट छठ घाट से पश्चिमपुरा, बिनोवापुरी तक करीब 380 मीटर नदी के किनारे के हिस्से का निरीक्षण किया। जबकि नदी में हो रही कटान के बारे में लोगों से जानकारी लिया। अधिकारियों के अनुसार नदी तट पर कटान वाले क्षेत्र में करीब 380 मीटर के एरिया में विभाग की ओर से जियो बैग से लांचिंग अपरन, स्लो पिचिंग और जगह-जगह छोटे-बड़े पांच कटर आदि बनाया जायेगा। उनका यह भी कहना है कि अगस्त 2024 में प्रस्ताव भेजा गया था। जिस पर मंजूरी मिलने पर रिपोर्ट तैयार कर कार्य कराया जाएगा।
लोगों के अनुसार राप्ती में पिछले कुछ वर्षों से कटान हो रही है। जिससे नदी मोहल्ले से सटकर बह रही है। लोगों का यह भी कहना है कि बाढ़ के मौसम में नदी बिनोवापुरी गांव के निकट रुद्रपुर मार्ग तक पहुंच जाती है। सन 2023 में नदी सड़क के ऊपर से बहने लगी थी। जिससे कुछ दिन के लिए आवागमन बाधित हो गया था। स्ँव्ज्ञछ
स्पीकअप-
नदी के करीब होकर बहने से बरसात के मौसम में स्थिति भयावह हो जाती है। दिन में तो कुछ समझ में नहीं आता है। लेकिन रात में धारा की तेज आवाज के कारण नींद उचट जाती है। बाढ़ खंड विभाग द्वारा कटान रोधी कार्य करा देने से गांव का एक बड़ा हिस्सा सुरक्षित हो जाएगा।
-देवेश सिंह प्रगतिशील किसान, कपरवार
नदी मोहल्ले से काफी दूर बह रही थी। लेकिन कटान के कारण करीब होती जा रही है। बिनोवापुरी के पास नदी कटान कर रुद्रपुर मार्ग के करीब तक पहुंच गई है। सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम नहीं होने के कारण जहां मोहल्ले वासियों को खतरा बना रहता है। वहीं प्रत्येक वर्ष बरसात के मौसम में पुलिया के रास्ते सड़क पार कर गांव तक पहुंच जाती है। जबकि बाढ़ के पानी के जद में आने से फसल बर्बाद हो जाती हैं।
-मदन मिश्र किसान, कपरवार पश्चिमपुरा
कोट-
राप्ती नदी में हो रहे परिवर्तन को लेकर 380 मीटर कटान रोधी कार्य कराया जाएगा। जिसके लिए करीब साढ़े तीन करोड़ की लागत से होने वाले निर्माण कार्य को लेकर टीम ने सर्वे किया है। धन अवमुक्त होते ही कार्य शुरु करा दिया जाएगा।
-अशोक द्विवेदी सहायक अभियंता, बाढ़ खंड विभाग