देवरिया। शहर के हनुमान मंदिर पोखरे में बुधवार को मासूम भाई-बहन के डूबने के बाद देवरिया खास मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई। मामा के घर रहकर पढ़ने वाली काजल और छोटू की मौत के बाद मंदिर के पोखरे पर पहुंचने वाले सभी लोग काफी गमगीन थे। लोगों का यह भी कहना था कि कई बार यहां पर घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। इस पर लोगों ने रोष भी जताया।
देवरिया खास के भगवान चौराहा निवासी रामाश्रय प्रजापति ने अपनी बेटी मीना की शादी मोहल्ले के ही चंदन से की थी, जिससे काजल और छोटू पैदा हुए। कुछ सालों बाद पति-पत्नी के रिश्ते में दरार आ गई। मीना अपने बच्चों को लेकर पिता के घर आ गईं। यहीं पर काजल कक्षा तीन में और छोटू कक्षा एक में पढ़ाई करता था। बुधवार की दोपहर दोनों स्कूल से आने के बाद मोहल्ले के ही करन के साथ हनुमान मंदिर पोखरे पर पहुंचे। बालमन पोखरे के किनारे खेलते-खेलते सीढ़ी से नहाने के लिए उतर गया। उन्हें क्या पता था कि वह गहरे पानी में चले जाएंगे। कुछ ही पल में भाई और बहन दोनों असमय काल के गाल में चले गए। संयोग अच्छा था कि करन को डूबते हुए लोगों ने देख लिया और बचा लिया। घटना के बाद नाना रामाश्रय और मासूम की मां मीना का रो-रोकर बुरा हाल है।
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समय से गोताखोर मिल जाते तो बच जाती मासूमों की जान
देवरिया। शहर के हनुमान मंदिर पोखरे में डूबे मासूमों को निकालने में काफी देर हो गई। गोताखोर आने में ही आधे से एक घंटे का समय लग गया। इसके कारण देर से वह पानी से निकाले गए और मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी तक पहुंचते-पहुंचते दम तोड़ दिए। मौजूद लोगों का कहना था कि समय से अगर इन्हें निकाला गया होता तो शायद जान बच गई होती।