जांच के क्रम में जब पुलिस अभियुक्तों को घटनास्थल के निरीक्षण के लिए दोबारा लेकर गई, तो उन्होंने वाहन में छिपाए गए अवैध तमंचों से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी और भागने की कोशिश की। पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में दोनों अभियुक्तों के पैरों में गोली लगी। पुलिस ने तुरंत उन्हें काबू में लिया और इलाज के लिए जिला अस्पताल भिजवाया।
अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास चौंकाने वाला
खुर्शीद शाह के खिलाफ कुशीनगर जिले के विभिन्न थानों में हत्या प्रयास, अवैध हथियार और गोकशी से जुड़े कुल 7 मामले दर्ज हैं। इनमें खड्डा, पडरौना और कसया थानों में दर्ज गंभीर धाराएं शामिल हैं।
वहीं, मुनाब अली के खिलाफ भी आयुध अधिनियम और चोरी की साजिश रचना जैसे आरोपों में तीन केस कुशीनगर के थानों में दर्ज हैं। इन दोनों अपराधियों की आपराधिक पृष्ठभूमि पशु तस्करी के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करती है।
मुठभेड़ के बाद अभियुक्तों के कब्जे से दो देसी तमंचे, पांच कारतूस और दो खोखा बरामद किए गए हैं। बरामद हथियारों से यह साफ है कि ये अपराधी पहले से ही पुलिस पर हमला करने की तैयारी में थे। इस पूरी कार्रवाई में बरियारपुर थाना पुलिस की सक्रिय भूमिका रही। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष त्रिवेन्द्र मौर्य, उनि दीपचंद, सुनील कुमार, चन्द्रप्रकाश, कांस्टेबल राकेश, कृष्णानंद यादव, राहुल चौहान, अखिलेश गुप्ता, चांदनी चौधरी शामिल रहे।