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अन्याय के विरोध की एसपी ने दी सीख

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अमर उजाला के तरफ से पुलिस लाइंस में आयोजित पुलिस की पाठशाला में एसपी डॉ श्रीपति मिश्र ने प्रशिक्ष - फोटो : DEORIA
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कानून के पालन की दी गई सलाह
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पुलिस लाइंस में अपराजिता के तहत पुलिस की पाठशाला का हुआ आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। ‘अमर उजाला अपराजिता’ के तहत आयोजित पुलिस पाठशाला पुलिस लाइन के योगा सेंटर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने कहा कि आप अबला नहीं, सबला हैं, आप पर होने वाले अत्याचार के खिलाफ कठोर कानून बने हैं। जरूरत पड़ने पर डायल 112 पर फोन करें, महिला है तो महिला पीआरवी पहुंचकर मदद करेगी। उन्होंने अन्याय के विरोध की सीख दी।
एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने कहा कि महिलाओं पर होने वाले अपराध के खिलाफ कठोर कानून बने हैं। यही कारण है कि महिलाओं पर होने वाले अपराध में कमी आई है। उन्होंने महिला प्रशिक्षुओं को बताया कि एक महिला होने के साथ-साथ आप सिपाही भी हैं। इसलिए समाज में महिलाओं की सुरक्षा के प्रति आपकी जिम्मेदारी ज्यादा है। अपने बीच अभिभावक के रूप में एसपी को पाकर महिला प्रशिक्षु भी गदगद थीं। उन्होंने बेहिचक एसपी से सवाल किए। एसपी ने एक-एक कर सभी के सवालों का जवाब दिया। एसपी ने महिला प्रशिक्षुओं को ताइक्वांडो का प्रशिक्षण देने की बात कहीं। इससे उनका आत्मबल और ऊंचा उठेगा। रेडक्रॉस सोसाइटी के जिला इकाई के सचिव अखिलेंद्र शाही ने कहा कि महिला प्रशिक्षुओं को प्राथमिक उपचार की ट्रेनिंग रेडक्रॉस द्वारा दिलाई जाएगी। जिससे कि ड्यूटी के दौरान वे घायलों की तत्काल मदद कर सकें। इस दौरान आरआई प्रकाश चंद्र पांडेय, महिला एसआई प्रीति सिंह आदि मौजूद रहीं। कार्यक्रम के दौरान महिला प्रशिक्षु प्राची द्विवेदी ने दो घटनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि लखनऊ में एक व्यक्ति घायल था, कोई मदद नहीं किया। वहीं, हरिद्वार में भाकियू के एक सदस्य का पैर कट गया था। मैं उठाने का प्रयास कर रही थी। पुलिसवाले से बोली तो कहा कि पहले कागजी कार्रवाई पूरी करेंगे तभी कुछ करेंगे। इस पर एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने बताया कि ज्यादातर मामलों में यही स्थिति रहती है। लोग नजरअंदाज करते ही हैं, कानूनी पेंचीदगी भी है। मदद पहले होनी चाहिए, बाद में कागजी कार्रवाई पूरी जाएगी। लोगों को भी संवेदनशील होने की जरूरत है। महिला प्रशिक्षु संध्या पांडेय ने कहा कि हमारी ड्यूटी चौराहे पर लगती है। वहां बाथरूम नहीं होता है। ऐसे में हमारे सामने समस्या खड़ी होती है। इसका समाधान कैसे होगा? एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने इसे स्वीकार करते हुए बताया कि यही वजह है कि महिलाएं पानी कम पीती हैं। इसकी वजह से 85 प्रतिशत से अधिक महिलाओं में तमाम बीमारियां होती हैं। उन्होंने कहा कि चौराहे के आसपास के मकान में रहने वाली महिलाओं से संपर्क कर इस समस्या का समाधान किया जा सकता है। मीनाक्षी ने कहा कि हम भले ही सिपाही हैं, लेकिन महिला होने का भय हमेशा मन में बना रहता है। अपना अनुभव साझा करते हुए बोली कि यहां से लखनऊ जाते समय डेढ़ बजे रात को पहुंचती हूं। वहां से लखीमपुर के लिए भोर में तीन बजे गाड़ी मिलती है। एसपी ने बताया कि ऐसी स्थिति में डायल-112 पर फोन कर अपनी समस्या बताएं। कुछ देर में ही महिला पीआरवी आपके पास पहुंचकर मदद करेगी, लेकिन यह काम बार-बार करने से अच्छा है कि अपने अंदर पॉवर विकसित करिए। पल्लवी सिंह ने कहा कि महिलाओं को सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण दिया जाए। जिससे कि इस समस्या का समाधान हो सके। एसपी ने इस बात को स्वीकार करते हुए बताया कि प्रशिक्षण के अंतिम चरण में यह ट्रेनिंग दी जाती है। चूंकि आप लोगों की ट्रेनिंग की शुरुआत हुई, इसलिए इसे नहीं समझ पा रही हैं। सोनी पांडेय ने कहा कि ड्यूटी जाते समय यदि कोई घायल मिल जाए और उसकी मदद जरूरी हो। दूसरी तरफ ड्यूटी भी लेट होने का डर हो तो ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए। एसपी ने कहा कि प्राथमिकता तय करना आपका काम है। देखना होगा कि किस प्रकार की ड्यूटी में जा रहे हैं। पहले डायल-112 और अपने उच्चाधिकारियों को सूचना दें। इससे उसको मदद भी मिल जाएगी और ड्यूटी में भी कोई बाधा भी नहीं आएगी। ज्योति सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालयों में ऐसे कार्यक्रम चले जिससे लड़कों में किसी लड़की या महिला को न छेड़ने की भावना उत्पन्न हो। एसपी ने जवाब दिया कि अब महिलाओं के अपराध से संबंधित कठोर कानून बने हैं। हैदराबाद और निर्भया कांड का उदाहरण देते हुए बताया कि एक में आरोपियों को काउंटर और दूसरे में फांसी की सजा सुनाई गई है। विनय लता सिंह ने सवाल पूछा कि यदि कोई पुरुष सदस्य घर में न हों तो महिलाओं को क्या करना चाहिए। स्थानीय थाने पर सुनवाई न हो तो शिकायत किससे करें? एसपी ने बताया कि इसके लिए तत्काल डायल-112 पर फोन कर जानकारी देनी चाहिए। स्थानीय थाने पर सुनवाई न हो तो एसपी, से शिकायत की जा सकती है। इसके बाद भी यदि बात नहीं बनती है तो डीएम के सामने पक्ष रख सकते हैं।
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रेडक्रॉस सोसायटी देगा फर्स्ट एड बाक्स
‘अमर उजाला’ एवं भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी जिले के सभी थानों की गाड़ी में फर्स्ट एड बाक्स की व्यवस्था कराएगा। इसके अलावा अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम के तहत महिला सिपाहियों को ताइक्वांडों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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