अमित मिश्र हत्याकांड:
25 हजार के इनामी को एसटीएफ ने दबोचा
22 महीने से हत्यारोपी अखिलेश पांडेय की तलाश कर रही थीं पुलिस
एसटीएफ लखनऊ ने उन्नाव जिले से किया गिरफ्तार, कोतवाली में दाखिल
16 मार्च 2018 को हरैया के पास गोली मारकर हुई थी अमित की हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। अमित मिश्र हत्याकांड में नामजद 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी अखिलेश पांडेय को एसटीएफ लखनऊ ने बृहस्पतिवार की सुबह उन्नाव से गिरफ्तार कर लिया। देर शाम एसटीएफ टीम उसे लेकर सदर कोतवाली पहुंची। आवश्यक कार्रवाई पूर्ण कर उसे सदर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। हत्यारोपी को गिरफ्तार करने में पुलिस को 22 महीने लग गए। सदर कोतवाली के अहिल्यापुर गांव निवासी अमित मिश्र की रुपये के लेन-देन में 16 मार्च की दोपहर तीन बजे हरैया गांव के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के पिता प्रेमनारायण मिश्र की तहरीर पर सदर कोतवाली पुलिस ने सोंदा गांव निवासी अजय मिश्र, छाया मिश्र, बनकटा थानाक्षेत्र के भुड़वार बनकटा गांव के और सिविल लाइंस महिला थाने के पास निवासी अखिलेश पांडेय और दो अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया। तत्कालीन एसपी रोहन पी. कनय ने एक अप्रैल 2018 को मुख्य आरोपी अजय मिश्र, बृजेश, अमित रंजन मिश्र और पंकज तिवारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उन्होंने छाया मिश्र को क्लीन चिट दी थी। लेकिन कागजी कार्रवाई नहीं होने से बाद में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। मईल के बगहा गांव के बनारसी मिश्र ने कोर्ट में समर्पण कर दिया। इसी गांव के रहने वाले अमरेश यादव और अखिलेश पांडेय पर पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। अमरेश यादव को एसटीएफ पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। बृहस्पतिवार को इस मामले में एक मात्र फरार चल रहे इनामी बदमाश अखिलेश पांडेय को एसटीएफ लखनऊ की टीम ने उन्नाव जिले के मोतीनगर फ्लाई ओवर के पास आवास विकास कॉलोनी से गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ लखनऊ जोन के इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह, एसआई पवन सिंह, कांस्टेबल राघवेंद्र तिवारी, सूरज कुमार और श्रीकृष्ण गिरी शाम को उसे सदर कोतवाली थाने में दाखिल कर दिया। इस बाबत एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने बताया कि 25 हजार रुपये के इनामी हत्यारोपी को एसटीएफ लखनऊ ने उन्नाव जिले से गिरफ्तार कर लिया है। सदर कोतवाली थाने में दाखिल किया गया है। उसे जेल भेज दिया जाएगा।
रिटायर्ड सीओ हैं मददगार
हत्यारोपी अखिलेश पांडेय ऐसे ही नहीं गिरफ्तार हो रहा था। पुलिस महकमे में कई अधिकारी उसकी पैरवी करते थे। इसमें एक देवरिया में कोतवाल रह चुके वर्तमान में डिप्टी एसपी से रिटायर्ड पुलिस अधिकारी भी शामिल है। क्राइम ब्रांच के कई इंस्पेक्टर एवं दरोगाओं से भी अखिलेश पांडेय की अच्छी सेटिंग है। इसका वीडियो लेनदेन का वायरल हो चुका है। जिसको लेकर पुलिस की किरकिरी भी हुई थीं।