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टीईटी से वंचित कर दिए गए एनआईओएस से डीएलएड किए सैकड़ों अभ्यर्थी

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राजकीय इंटर कॉलेज से टीईटी की परीक्षा देकर बाहर आते अभ्यर्थि। - फोटो : DEORIA
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एनआईओएस से डीएलएड अभ्यर्थी टीईटी से वंचित
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नाराज अभ्यर्थियों ने डायट सहित परीक्षा केंद्र गेट के बाहर किया प्रदर्शन
पहली पाली में जिले के 23 और दूसरी में 12 केंद्रों पर हुई शिक्षक पात्रता परीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शिक्षक पात्रता परीक्षा बुधवार को जिले के कुल 23 केंद्रों पर दोनों पालियों में चुस्त दुरुस्त व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। पहली पाली प्राथमिक स्तर की परीक्षा में पंजीकृत 13882 परीक्षार्थियों में 1404 और दूसरी पाली में 6432 में 5878 अभ्यर्थी ही परीक्षा में शामिल हुए। उधर विभिन्न केंद्रों से एनआईओएस से डीएलएड किए परीक्षार्थियों को शासनादेश का हवाला देकर परीक्षा से वंचित कर दिया गया। इससे नाराज अभ्यर्थियों ने परीक्षा गेट के सामने जिम्मेदारों को कोसते हुए प्रदर्शन किया। मुख्यालय से सटे जनता इंटर कॉलेज सोनूघाट में सुबह की पाली में परीक्षा देने के लिए एकत्र हुए कुछ परीक्षार्थियों को जांच के दौरान गेट पर रोका गया। केंद्राध्यक्ष व उनकी टीम ने जांच के दौरान ऐसे अभ्यर्थियों को जो एनआईओएस से डीएलएड इसी सत्र में पास किए हैं, उनके प्रमाण पत्र के आधार पर अंदर जाने से रोक दिया। इस पर नाराज अभ्यर्थियों ने गेट पर ही हंगामा करना शुरू कर दिया, हालांकि पुलिस की चुस्ती के आगे उनकी एक न चली। यहां के प्रधानाचार्य पारसनाथ मिश्र ने बताया कि टीईटी के नियामक अधिकारी से प्राप्त निर्देश के पालन में इन्हें परीक्षा कक्ष में नहीं जाने दिया गया। उन्होंने बताया कि डीएम ने भी इस संबंध में सभी केंद्राध्यक्षों को पत्र भेजकर आगाह किया था। हंगामे के बाद निरीक्षण करने पहुंचे डायट प्राचार्य राजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि एनआईएस से डीएलएड किए अभ्यर्थी को यूपी टीईटी के लिए आवेदन ही नहीं करना चाहिए था। इस बाबत शिवचंद राम, टीईटी पर्यवेक्षक ने कहा कि शासन के आदेश के बाद ही एनआईओएस से डीएलएड किए अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र से बाहर किया गया। शासनादेश में है कि यह लोग इस परीक्षा में बैठने के पात्र नहीं हैं। सभी केंद्रों पर बेहतर व्यवस्था के अंतर्गत परीक्षा पूरी हुई।
हमारा आवेदन क्यों स्वीकार किया गया
जनता इंटर कॉलेज रामपुर कारखाना केंद्र एवं सरदार पटेल बालिका इंटर कॉलेज सिरसिया में परीक्षा से वंचित किए गए अभ्यर्थी वंदना चौरसिया, सिमरन वर्मा, नूरजहां, दिलीप कुमार, अमित मल्ल, अशोक यादव आदि ने बताया कि दोनो केंद्रों के प्रधानाचार्यों ने परीक्षा में बैठने एवं कापियां बंट जाने के बावजूद उन्हें परीक्षा से वंचित कर दिया। अगर वंचित ही करना था तो हमारा आवेदन क्यों स्वीकार किया गया। ऑनलाइन आवेदन करने में एक अभ्यर्थी को करीब 700 रुपये खर्च करने पड़े हैं। उधर डीएम, एसपी सहित चारों सचल दल ने परीक्षा के दौरान केंद्रों का निरीक्षण कर शुचिता की जांच की।
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कंट्रोल रूम में चलती रही मुन्ना की तलाश
ट्रेजरी कार्यालय में बने कंट्रोल रूम में बुधवार को प्रथम पाली की परीक्षा के बाद कई अभ्यर्थियों के उत्तर पुस्तिका की दोनों कॉपियों को लेकर चले जाने की शिकायत मिली। डीएसएस के एक अभ्यर्थी मुन्ना यादव पुत्र लालबाबू के भी उत्तर पुस्तिका की दोनों कार्बन कापियों के लेकर चले जाने के बाद अधिकारी गण तलाश में जुटे रहे और केंद्र व्यवस्थापकों को फोन कर यह निर्देश देते रहे कि जांच कर यह स्पष्ट कर लें कि कहीं वह दूसरी पाली में भी तो परीक्षा नहीं रहा है। निगरानी कर रहे मुख्य राजस्व अधिकारी रामसहाय यादव ने बताया कि अगर संबंधित अभ्यर्थी ने उत्तर पुस्तिका की एक कॉपी को नहीं लौटाया तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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नहीं गली चर्चित शिक्षा माफिया की दाल
सदर क्षेत्र के एक शिक्षा माफिया का शिक्षा विभाग में बड़ी दखल है। हर बार पहुंच के बल पर बोर्ड सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अपने विद्यालय को केंद्र बनाने में कामयाब रहता हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि इस बार भी उनके केंद्र पर परीक्षा पास कराने के नाम पर एक लाख रुपये तक वसूले गए थे। हालांकि सुबह से ही डीएम, एसपी यहां खुद मौजूद रहकर परीक्षा की निगरानी करते रहे। ऐसे में इस बार इस चर्चित केंद्र पर उनकी दाल नहीं गल पाई। केंद्र बनने के बाद से ही उनके यहां रकम लेकर पास कराने की चर्चा खूब चल रही थी। नकल या साल्वर व्यवस्था कामयाब नहीं होने पर कुछ लोगों को काफी मायूसी हाथ लगी।
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