तांत्रिक ने कराई थी बृजमंगल की हत्या
तांत्रिक समेत तीन गिरफ्तार, भेजे गए जेल, दोनों शूटर की तलाश
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। रुद्रपुर कोतवाली के छपौली गांव निवासी बृजमंगल हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। एक तांत्रिक ने उधार के रुपये चुकता नहीं करने पर 50 हजार की सुपारी देकर बृजमंगल की हत्या कराया था। मुख्य साजिशकर्ता समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर सोमवार को जेल भेज दिया गया। दो शूटर की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
मनोरंजन कक्ष में एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने बताया कि एक सितंबर की रात छपौली गांव निवासी बृजमंगल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बृजमंगल की पत्नी की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया था। रुद्रपुर कोतवाल तेज जगन्नाथ सिंह मामले की जांच में जुटे थे। बृजमंगल के मोबाइल और अन्य माध्यमों से पुलिस ने जांच बढ़ाई तो परत-परत दर खुलने लगी। रुद्रपुर कोतवाल तेज जगन्नाथ सिंह, एसआई महेंद्र प्रताप सिंह, कांस्टेबल डब्लू कुमार, सुनील सिंह और विकास यादव के साथ सोमवार को बनसप्ती तिराहे से तीन लोगों को पकड़ लिया। पूछताछ में तीनों ने अपना नाम रामप्रवेश मिश्र निवासी पिपरापुरम भलुअनी, छोटेलाल निषाद निवासी भृगुसरी रुद्रपुर और इंद्रासन निवासी जंगल पिपरा रुद्रपुर बताया। पुलिस की पूछताछ में तांत्रिक रामप्रवेश मिश्र ने बताया कि उधार के रुपये नहीं देने पर शूटर से बृजमंगल की हत्या कराई। अभी 23 हजार रुपये दिया था, शेष रुपये देने थे। तांत्रिक ने बताया कि जंगल पिपरा गांव के रामअशीष से संपर्क किया। रामअशीष ने अपने एक साथी संग मिलकर एक सितंबर की रात घटना को अंजाम दिया। इस बाबत एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने बताया कि तीनों को जेल भेज दिया है। दोनों सुपारी किलर की तलाश कराई जा रही है, जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
तांत्रिक ने की बृजमंगल के परिवार की मदद
रुद्रपुर के छपौली गांव निवासी बृजमंगल वर्ष 2012 में हत्या के एक मामले में जेल चला गया। इस दौरान भलुअनी के पिपरा पुरम गांव निवासी तांत्रिक रामप्रवेश मिश्र से परिवारवालों की मुलाकात हुई। तांत्रिक ने उसके परिवारवालों की आर्थिक मदद की। उसने बताया कि तीन लाख रुपये से अधिक की मदद की थी। जेल में जाकर बृजमंगल से मिला। उसके कहने पर ही परिवारवालों के साथ मिलकर मुकदमे की पैरवी की। जब जेल से छूटकर आया तो रुपये वापस मांगने लगा। बृजमंगल आनाकानी करने लगा। इसके बाद उसके हत्या की योजना बनाई। गौरतलब है कि हत्या के जुर्म में जेल भेजे गए रामप्रवेश ने बताया कि पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी के बिनागुड़ी स्थित सेना के मंदिर पर पूजापाठ करता था। वहां से आने के बाद यहां भी पूजापाठ करने लगा।