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महिला संविदा कर्मचारी ने डीपीआरओ समेत पांच पर लगाए शारीरिक शोषण का आरोप

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- नियमित करने का झांसा देकर करते थे शोषण, थाने में दी तहरीर
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- एक दिन पूर्व ही महिला कर्मचारी पर विकास भवन के प्रधान सहायक ने दर्ज कराई थी एफआईआर
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। विकास भवन के प्रधान सहायक का अपहरण कर मारपीट के मामले में नया मोड़ आ गया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत नियुक्त संविदा कर्मचारी ने डीपीआरओ, एडीपीआरओ समेत पांच लोगों पर शारीरिक शोषण व गलत कार्य करने का आरोप लगाया है। सोमवार की देर रात उसने सदर कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।
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महिला कर्मचारी का आरोप है कि सदर ब्लाक में उसने संविदा कर्मचारी के रुप में चार जून तक कार्य किया। इसके बाद उसे विकास भवन में नियुक्त कर लिया गया। करीब डेढ़ माह तक यहां कार्य करने के दौरान उसे नियमित करने का प्रलोभर देकर अलग-अलग जगहों पर बुलाकर उत्पीड़न करते थे। विरोध करने पर झूठे मामले में फंसाने, नौकरी से निकालने और जान से मारने की धमकी देते थे। बीते 16 अगस्त को फोन कर उसे पोस्टमार्टम चौराहा स्थित सरकारी आवास में बुलाया गया। यहां डीपीआरओ, एडीपीआरओ सहित अन्य आरोपियों ने बारी-बारी उसके साथ गलत कार्य किया। इसका वीडियो भी बना लिया। बाद में गांव के पास ले जाकर छोड़ दिया। शिकायत करने पर मुझे और परिवार को जान से मारने की धमकी दी। इस बाबत कोतवाली प्रभारी अरुण मौर्य ने बताया कि महिला कर्मचारी पर पहले से केस दर्ज है। उसकी तहरीर छानबीन कर कार्रवाई की जाएगी। उधर, डीपीआरओ ओमप्रकाश पांडेय का कहना था कि महिला संविदा कर्मचारी की ब्लाक स्तर से कार्यों में लापरवाही की शिकायत की गई थी, जिस पर उसे ब्लाक से हटा दिया गया। बाद में विकास भवन में रख लिया गया। लापरवाही सामने आने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की गई तो अब झूठे आरोप लगा रही है। बता दें कि रविवार को ही प्रधान सहायक ने महिला संविदा कर्मचारी समेत छह लोगों पर अपना अपहरण कर मारपीट करने व जबरन दबाद देकर आपत्तिजनक वीडियो बनाने का आरोप लगताते हुए केस दर्ज कराया था।
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