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दबिश देने गई पुलिस पर झोंका फायर,छह लूटेरे गिरफ्तार

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छह अंतर्राज्यीय लुटेरों को पुलिस ने गौरीबाजार चीनी मिल परिसर से गिरफ्तार कर लूट की कई घटनाओं का ख - फोटो : DEORIA
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छह अंतर्राज्यीय लुटेरे गिरफ्तार, आठ बम, चार तमंचे बरामद
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गौरीबाजार की चीनी मिल परिसर से पुलिस को मिली सफलता
गिरफ्तारी को गई पुलिस टीम पर किया फायर, घेरेबंदी कर पकड़ा
गोरखपुर, देवरिया सहित पूर्वांचल और बिहार के कई जिलों में की वारदात
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। गोरखपुर, देवरिया, मऊ, गाजीपुर सहित पूर्वांचल और बिहार के विभिन्न जिलों में लूट, छिनैती की कई वारदातों को अंजामों को देने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के छह लुटेरों को गौरीबाजार पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। बंद चीनी मिल परिसर में लूट की योजना बना रहे बदमाशों ने गिरफ्तारी को गई पुलिस टीम पर फायरिंग भी, मगर सतर्क पुलिस टीम ने घेरेबंदी कर उन्हें दबोच लिया। लुटेरों के पास से आठ सुतली बम, चार तमंचा, एक कार, बाइक और नकदी भी बरामद हुई है। एसपी ने पुलिस टीम को 10 हजार का इनाम देने का एलान किया है।
पुलिस लाइंस के मनोरंजन कक्ष में सोमवार को एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने पत्रकारों से बताया कि गौरीबाजार के इंदूपुर में 23 अप्रैल को सेंट्रल बैंक के पास चार पहिया वाहन सवार बदमाशों ने बुजुर्ग को झांसा देकर वाहन में बैठाया और 10 हजार रुपये लूट लिया था। लुटेरों की तलाश में स्वॉट टीम और सीआईयू जुटी थी। मुखबिर की सूचना पर रविवार की रात गौरीबाजार पुलिस और स्वॉट की संयुक्त टीम ने चीनी मिल परिसर में दबिश दी। डकैती की योजना बना रहे छह लुटेरे दबोचे गए। इनकी पहचान कुशीनगर जिले के कसया थाना क्षेत्र के नटवलिया गांव निवासी पंकज राव, कसया थाना क्षेत्र के नकहनी गांव निवासी हरेंद्र पासवान, कसया थानाक्षेत्र के अहिरौली राय गांव निवासी सकलैन, असलम उर्फ गब्बू, अताउल्लाह, रामकोला थानाक्षेत्र के बापू छपरा गांव निवासी सर्वेश सिंह को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में उनके पास दो झोले में रखा आठ सुतली बम, चार तमंचा, आठ कारतूस, एक कार, एक बाइक, तीन पर्स और 1807 नकद बरामद हुआ। कार पंकज राव की है और टीम का सरगना भी यहीं है। फरार चल रहे लुटेरों के तीन साथियों की तलाश पुलिस सरगर्मी से कर रही है।
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सात वर्षों से करते थे लूटपाट
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी करीब सात वर्षों से गोपालगंज, सिवान, सिद्धार्थनगर, मऊ, देवरिया, गोरखपुर, बलिया जिले में आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। पंकज राव की कार और इसके एक साथी की बोलेरो इन घटनाओं में इस्तेमाल किया जाता था। बदमाशों पर तीन दर्जन से अधिक मुकदमा अलग-अलग थानों में दर्ज है। पेशेवर बदमाश कई बार जेल जा चुके हैं।
पूछताछ करने आई कई जिले की पुलिस
पुलिस के हत्थे चढ़े लुटेरों ने जब लूट की वारदातों का राज खोला तो पुलिस को विश्वास ही नहीं हुआ कि इतने जिलों में लूट, छिनैती यह बदमाश किए होंगे। उन जिले के पुलिस से जब पुलिस टीम ने संपर्क साधा और वादी को लेकर देवरिया पहचान कराने आई तो पुलिस दंग रह गई। लुटेरों की तस्वीर सभी जिलों में पुलिस ने भेेज दिया है।
एसपी ने टीम को 10 हजार दिया पुरस्कार
लुटेरों को गिरफ्तार करने वालों में स्वॉट टीम प्रभारी संतोष सिंह, सीआईयू प्रभारी अनिल सिंह, सर्विलांस टीम प्रभारी घनश्याम सिंह, सिपाही योगेंद्र प्रसाद, सुदामा यादव, धनंजय श्रीवास्तव, मेराज अहमद, संतोष यादव, अरुण खरवार, प्रशांत शर्मा, राहुल सिंह, विमलेश सिंह, सुधीर मिश्र, एसओ विनय सिंह, अवधेश मिश्र, दरोगा बाबूलाल, विनय यादव, विजय यादव शामिल रहे। एसपी ने 10 हजार रुपये का इनाम टीम को दिया और कहा कि डीजीपी कार्यालय को रजत पदक से नवाजे जाने का प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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पहले रिश्ता जोड़ते थे, फिर करते थे लूटपाट
नीलांबुज मिश्र
देवरिया। कुशीनगर के गिरोहबंद बदमाशों ने यूपी-बिहार के जिलों में अनोखे अंदाज में भोले भाले लोगों से लूटपाट करते थे। बदमाश जिस अंदाज में घटना को अंजाम देते थेे, उस पर पुलिस को यकीन ही नहीं होता था। गिरफ्त में आने के बाद कई मामलों से पर्दा उठा हैं। बैंक या बाजार से जाने वाले सीधे-साधे लोगों को निशाना बनाकर गिरोहबंद लुटेरे लूट करते थे। अंजान लुटेरे लोगों के पास अपनी गाड़ी रोककर उम्र के हिसाब से रिश्ता, फूूफा, चाचा, मौसा, बाबा जोड़कर पता पूछते थे और उक्त पते पर जाने की बात कह वाहन में बैठा लेते थे। कुछ दूर ले जाने के बाद उस व्यक्ति से लूटने के बाद वाहन से उतार देते थे। विरोध करने पर पीटकर जख्मी भी कर देते थे। गौरीबाजार के इंदूपुर, गोरखपुर के चौरीचौरा और मऊ के मधुबन में इसी अंदाज में लूट की थी। पुलिस की मानें तो जिस शहर में घटना को अंजाम देते थे उस शहर में बदमाश नहीं रहते थे। इस गिरोह की तलाश पुलिस को काफी दिनों से थी। जिले में पहली बार ऐसी घटनाओं का पर्दाफाश हुआ है।
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