‘ऑर्मी ऑन ड्यूटी’ लिखे वाहन से 250 पेटी शराब बरामद
कानपुर से सिलीगुड़ी ले जाने का बना था कागजात, सोनूघाट से पकड़ा गया
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। ‘ऑन ऑर्मी ड्यूटी’ लिखे एक डीसीएम से स्वॉट और सर्विलांस टीम ने 250 पेटी हरियाणा निर्मित अंग्रेजी शराब बरामद की है। सदर कोतवाली के सोनूघाट चौराहे से पकड़े गए डीसीएम का जब सीओ सिटी के सामने लॉक खोला गया तो सबके होश उड़ गए। चालक को हिरासत में लिया गया है। बरामद शराब की कीमत करीब 16.80 लाख रुपये बताई गई।
सर्विलांस टीम के प्रभारी संतोष कुमार, स्वॉट टीम के एसआई अनिल यादव और एसआई घनश्याम सिंह बुधवार की दोपहर बाद सोनूघाट चौराहे की तरफ मौजूद थे। उसी दौरान ‘ऑन ऑर्मी ड्यूटी’ लिखी एक डीसीएम सलेमपुर की तरफ जा रही थी। दोनों टीमों ने डीसीएम को पकड़ा तो चालक ने सेना का सामान होने की बात बताई। उसने कानपुर से पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक सामान पहुंचाने के कागजात भी दिखाए। इसके बाद भी दोनों टीमें डीसीएम को लेकर जेल चौकी और फिर कोतवाली पहुंची। वहां जब सीओ सिटी निष्ठा उपाध्याय के सामने लॉक खोला गया तो डीसीएम में हरियाणा निर्मित 180 एमएल अंग्रेजी शराब की 250 पेटियां मिलीं। शाम को आबकारी विभाग की टीम भी कोतवाली पहुंच गई। डीसीएम चालक हरियाणा के भिवानी के संदीप ने बताया कि कानपुर के रहने वाले आर्मी के कैप्टन ने उसे भेजा था। उसे नहीं पता था कि इसमें क्या लदा है। इससे पहले वह दो बार यह काम कर चुका है। तीसरी बार सिलीगुड़ी जा रहा था। एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने बताया कि स्वॉट और सर्विलांस टीम ने अच्छा कार्य किया है।
वीडियो कॉल से अर्दब में लेने की कोशिश
‘ऑन ऑर्मी ड्यूटी’ लिखे डीसीएम को पुलिस ने पकड़ तो लिया, लेकिन अंदर से डर था कि वास्तव में यह गाड़ी सेना की होगी तो मामला बिगड़ सकता है। डीसीएम चालक और गाड़ी में बैठे एक अन्य व्यक्ति ने आर्मी के तथाकथित कैप्टन से बात भी कराई। उसने पुलिसवालों को वीडियो कॉल भी की, लेकिन पुलिसवालों को उसकी वर्दी पर शक हो गया। वह कानपुर में होना बता रहा था, लेकिन सर्विलांस के जरिए उसकी लोकेशन पंजाब में मिली।
जेल चौकी से एक फरार, एसपी नाराज
स्वॉट और सर्विलांस टीम ने बुधवार को शराब लदी डीसीएम में चालक और एक अन्य को पकड़ा था। जेल चौकी पर दोनों को बैठाया गया, लेकिन पुलिस को चकमा देकर एक शख्स भाग गया। जानकारी होने पर एसपी ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने एएसपी को निर्देश दिया कि मुकदमे में सिपाहियों का नाम भी शामिल कराएं। जिले में पुलिस कस्टडी से बदमाशों के फरार होने की यह तीसरी घटना है। एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने बताया कि सिपाहियों ने लापरवाही की है। उन पर कार्रवाई की जाएगी।