टीआई और टीएस पर घूस मांगने का आरोप
रोडवेज के यातायात अधीक्षक की सीएम से शिकायत
परिचालक ने कहा- जांच दल के अधिकारियों ने परिचालकों से बांध रखा है महीना
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। रोडवेज के यातायात अधीक्षक और दो सहायक यातायात निरीक्षकों पर एक परिचालक ने जबरन डब्लूटी बनाने के नाम पर संविदा की नौकरी बरकरार रखने के एवज में एक लाख रुपये का घूस मांगने का आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री के पोर्टल पर शनिवार को शिकायत कर मामले की जांच करने की मांग की है।
रोडवेज के संविदा परिचालक दिनेश चंद्र यादव निवासी भीखमपुर रोड देवरिया डिपो में कार्यरत हैं। वह प्रतिदिन गोरखपुर से सलेमपुर अनुबंधित बस लेकर चलते हैं। शुक्रवार को जब वह देवरिया से सलेमपुर जा रहे थे, मुसैला चौराहे पर नौ यात्री बस पर सवार हुए। चौराहे से 100 मीटर आगे जाने पर ही रोडवेज के प्रवर्तन दल ने बस को चेकिंग के लिए रोका। दिनेश ने बताया कि अभी वह उन यात्रियों का टिकट बना ही रहे थे, जांच दल ने इलेक्ट्रानिक टिकटिंग मशीन को उनके हाथों से छीन लिया। जांच दल के टीआई अनिल यादव ने बिना टिकट यात्रियों को यात्रा कराने की बात कहकर परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की बात कहीं। परिचालक ने बताया कि अभी मुसैला चौराहे से चढ़े नौ यात्रियों का टिकट बनाने की ही प्रक्रिया में लगे थे कि जांच टीम ने वाहन को रोक लिया। ऐसे में नौ डब्लूटी बनाना कहां तक सही है। परिचालक का आरोप है कि टीएस आलोकवर्धन पांडेय ने एक लाख रुपये घूस मांगा। परिचालक ने बताया कि डिपो में प्रवर्तन दल के अधिकारियों ने डिपो के करीब तीन दर्जन से अधिक परिचालकों से 1500 रुपये प्रति प्रति चालक की दर से महीना बांध रखा है। इसके एवज में वह उनकी गाड़ियों की जांच नहीं करते। जो परिचालक महीना नहीं देता, उनकी गाड़ियों में यह टीम जबरन डब्लूटी बनाती हैं। उधर, एआरएम आरवी विश्वकर्मा ने बताया कि अभी जांच दल की रिपोर्ट उन्हें नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही कार्रवाई होगी। अभी परिचालक को बैठा दिया गया है। दोषी पाए जाने पर उनके संविदा को समाप्त कर दी जाएगी।