बिजली दरों में वृद्धि के विरोध में प्रदर्शन
कलेक्ट्रेट पहुंच की नारेबाजी, सौंपा 14 सूत्री ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। बिजली दरों में हुई वृद्धि को लेकर भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी एवं किसान सभा ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। सरकार पर मजदूर, किसान, नौजवान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए डीएम को ज्ञापन सौंपा।
साधूशरण ने कहा कि भाजपा सरकार पूंजीपतियों के हाथ की कठपुतली बन गई है। सरकार की नीतियों का लाभ संपन्न लोगों को ही मिल रहा है। गरीब, बेरोजगार, नौजवान और किसान परेशान हैं। प्रस्तावित बिजली दरों की वृद्धि का भार आम लोगों पर पड़ेगा। किसानों को मुफ्त बिजली और कृषि क्षेत्रों में कार्य के लिए 20 घंटे आपूर्ति दी जाए। बिजली दुर्घटना में मरने वाले किसानों, मजदूरों और बिजली कर्मियों को न्यूनतम 20 लाख का मुआवजा दिया जाए। करंट से पशुओं की मौत पर मुआवजा देने का नियम बने। बिजली विभाग के निजीकरण को तत्काल प्रभाव से रोका जाए और सरकारी बिजली केंद्रों की क्षमता बढ़ाया जाए। बरियारपुर गांव के 184 पट्टा धारकों को कब्जा दिया जाए। आर्थिक तंगी से जूझ रहे गन्ना किसानों का बकाया मूल्य का भुगतान कराया जाए। रसोइयां कार्यकर्ताओं की छटनी बंद किया जाए। गरीब, किसानों, मजदूरों व बुनकरों को मुफ्त में बिजली दी जाए। प्रदर्शन करने वालों में सतीश कुमार, जयप्रकाश सिंह, सिंटू, ओमप्रकाश कुशवाहा, रमाशंकर गुप्ता, कृष्णा देवी, विमला देवी, जयप्रकाश यादव, गंगा देवी, दुर्गावती आदि मौजूद रहीं।