देवरिया। मेडिकल कॉलेज में डेंगू पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। यहां अस्पताल में अबतक 18 लोग भर्ती किए जा चुके हैं वहीं हकीकत में पीड़ितों की संख्या इससे कहीं ज्यादा है। निजी अस्पतालों में भर्ती होने वाले डेंगू के मरीजों के संबंध में स्वास्थ्य महकमे के पास कोई रिकार्ड नहीं है। जबकि दूसरी तरफ एसएन-1 कार्ड पॉजिटिव मरीजों को भी स्वास्थ्य विभाग डेंगू पीड़ित नहीं मानता है। जबकि इसे निजी अस्पताल डेंगू पीड़ित मानते हुए इलाज कर रहे हैं। इससे जनपद में प्लेटलेट्स की मांग पांच गुना बढ़ गई है।
निजी अस्पताल में कई जगहों पर ऐसा भी देखने को मिल रहा है कि बिना जरूरत के भी मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़ाई जा रही है। इसके कारण प्लेटलेट्स की मांग सामान्य दिनों की अपेक्षा बढ़ गई है। मरीज की जान बचाने के लिए तीमारदार डोनर को लेकर ब्लड बैंक पहुंच रहे हैं। शुक्रवार की शाम तक तीन तीमारदार पहुंचे थे, जिनके मरीज शहर के निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज लोगों में से एक-दो को डेंगू पॉजिटिव मिल रहा है। इसके कारण करीब दो महीने में 18 मरीज हैं, जबकि डेंगू संदिग्ध केस शुक्रवार को तीन मिले हैं। जिनका इलाज चल रहा है। उनकी एलाइजा जांच कराई जा रही है।
प्लेटलेट्स देकर बचाई जा रही जान
सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा ने बताया कि पहले एक से दो यूनिट प्लेटलेट्स की मांग होती थी, लेकिन इस समय पांच से छह यूनिट तक पहुंच गई है। प्लेटलेट्स लेने वालों को रक्तदाता लाने को कहा जाता है। अगर कोई निजी अस्पताल में इलाज करा रहे है तो एक हजार रुपये शुल्क जमा करना पड़ता है। ब्लड बैंक में करीब दस यूनिट प्लेटलेट्स स्टोर है। आवश्यकता पड़ने पर एक से डेढ़ घंटे में तैयार लिया जाता है। अस्पताल डेंगू के मरीज के इलाज के लिए सुविधाएं उपलब्ध हैं। दवा व जांच की नि:शुल्क व्यवस्था है।