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Deoria News: सोशल मीडिया पर प्लाट, मकान की सेल... रहें सतर्क वरना हो जाएगा खेल

Sat, 16 Sep 2023 01:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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देवरिया। अवैध प्लाॅटिंग का धंधा करने वाले धंधेबाज लोगों को फंसाने के लिए अब सोशल मीडिया का सहारा लेने लगे हैं। विभिन्न प्लेटफार्म पर प्लॉट और मकान का डिजाइन साझा कर बेचने का झांसा दे रहे हैं। लुभावने ऑफर के झांसे में आकर बयाना दे दिया गाढ़ी कमाई डूबनी तय है। इतना ही नहीं कई मामले ऐसे भी सामने आ चुके हैं जिनमें दलाल विवादित जमीन भी खरीदवा चुके हैं।
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फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया पर प्लाॅट, फार्म हाऊस और गोरखपुर, लखनऊ, मथुरा, वृंदावन में आशियाना का प्रचार जालसाज कर रहे हैं। ये मोबाइन नंबर भी साझा कर रहे हैं और वीडियो बनाकर लोगों का विश्वास जीतने के लिए विज्ञापन सोशल मीडिया पर अपलोड कर दे रहे हैं। ताकि लोगों को बेहतर तरीके से अपने विश्वास में लिया जा सके। ऐसे धंधेबाजों से सतर्क रहने की जरूरत है, वरना मेहनत से कमाई गई पूंजी की चपत लग जाएगी। अभी कुछ दिन पहले शारदा सिटी गोरखपुर का मामला सामने आया तो कइयों के होश उड़ गए, क्योंकि आरोपी अजय श्रीवास्तव ने पांच लोगों को लखनऊ में जमीन दिलवाई है, लेकिन अभी तक उन्हें कब्जा नहीं मिला और आरोपी फरार है। इसी तरह जिले की दो महिलाओं की जोड़ी ने साढ़े छह करोड़ का चूना शहर के तीस लोगों को लगाया था। इसमें भी ठगी के शिकार दो लोग सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आए थे। अब हालत यह है कि केस दर्ज कराकर थाने, कचहरी का चक्कर काट रहे हैं। सोशल मीडिया पर अवैध प्लाॅटिंग का प्रचार-प्रसार करने वालों ने बाकायदे कुछ युवाओं को इसी के लिए नौकरी दे रखी है। इन्हें इतना ट्रेंड किया जाता है कि बस स्टेशन, मेडिकल कॉलेज, रेलवे स्टेशन सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों से दूरी कम दिखाकर लोगों को लुभाया जाता है।

जमीन का पता नहीं, कमा लिए करोड़ों
देवरिया। दो महिलाओं ज्योति और काजल के खिलाफ सदर कोतवाली में केस दर्ज है। इन दोनों महिलाओं ने महज दो कट्ठे की जमीन को दिखाकर करीब साढ़े छह करोड़ रुपये शातिर तरीके से ठग लिए। पीड़ित रीमा सिंह की तहरीर पर केस दर्ज हो गया, लेकिन अभी तक रुपये के वापसी की कोई गारंटी नहीं है। पुलिस आरोपियें को गिरफ्तार तक नहीं कर पाई है।
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बेच दे रहे नजूल की जमीन
देवरिया। शहर में कई जगहों पर नजूल की जमीन है। रामनाथ देवरिया, सीसी रोड, सिविल लाइंस, चकियवा के पास नजूल की जमीन का सौदा कर दिया गया। इन जगहों पर तो बाकायदे प्लाॅटिंग कर बेच दिया गया। जब बैनामा की बात आई तो नजूल की जमीन बेचने वाले ने यह कहते हुए हाथ खड़े कर लिए कि बैनामा नहीं होगा। इसके पेच में उनका नक्शा फंस गया। सिविल लाइंस रोड पर दो मकान नजूल में हैं, जिनमें एक का एक करोड़ तीस लाख और दूसरे ने साठ लाख रुपये में सौदा किया था।

केस-एक
- बरहज थाना क्षेत्र निवासी अजय मिश्रा ने बताया कि फेसबुक पर लखनऊ में 37 लाख रुपये में मकान बिकने का प्रचार देखा और दिए गए फोन नंबर पर संपर्क किया तो इंदिरा नगर बुलाया गया। वहां पर पहुंचने पर पता चला कि मकान पर लोन है। एडवांस में पांच लाख रुपये मांगे जा रहे थे। पर आसपास के लोगों से पूछताछ की तो ठगे जाने से बच गया।

केस-दो
- शहर के भीखमपुर रोड निवासी अमरनाथ ने बताया कि फेसबुक पर डिजाइन देखकर जमीन पंसद आ गई। जब मौके पर गया तो पता चला कि महायोजना में यह ग्रीन लैंड है। इसकी जानकारी नियति प्राधिकारी कार्यालय से लिया तो पता चला कि मानचित्र ही पास नहीं होगा। ठगी का शिकार होने से बाल-बाल बचा।
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प्रॉपर्टी खरीदते समय इन बातों पर रखें ध्यान
- जिस योजना में जमीन ले रहे हैं उसे नियत प्राधिकारी कार्यालय से जांच कर लें।
- रियल स्टेट का काम करने वाली फर्म के नाम पर जमीन है या नहीं, इसकी जानकारी निबंधन कार्यालय से कर लें।
- लैंड यूज के बारे में पता कर लें कि महायोजना के तहत किसके लिए क्षेत्र चिह्नित है।
- जमीन बेचने वाले कारोबारी के बारे में पूरी तरह से जानकारी जुटा लें।

कोट :
शहर हो या सोशल मीडिया का प्लेटफार्म, कहीं भी प्लाॅटिंग में भूमि लेने से पहले जांच कर लेनी चाहिए। इसके लिए सबसे जरूरी है कि नियति प्राधिकारी कार्यालय से उस क्षेत्र के बारे में पड़ताल कर लें। जो जमीन खरीदने जा रहे हैं वह किसके नाम है। अवैध प्लाॅटिंग करने वालों को नोटिस भी दिया जाता है और फिर उनका निर्माण भी ध्वस्त कराया जाता है।
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- योगेंद्र कुमार, एसडीएम
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