रात करीब नौ बजे पुलिस को सूचना मिली कि गांव में अल्पसंख्यक समुदाय के लोग बड़ी संख्या में हथियार और लाठी, डंडों के साथ जुलूस निकाल रहे हैं। सूचना के कुछ देर बाद हल्के के सिपाही मौके पर पहुंचे। सूचना सही निकली, सिपाहियों ने जुलूस रोकने का प्रयास किया। पर मौके की नजाकत को देखते हुए पुलिस कर्मी पीछे हट गए और हल्के के दरोगा को सूचना दी। वह भी कुछ देर बाद साढ़े नौ बजे गाड़ी लेकर फोर्स के साथ पहुंचे।
पुलिस की गाड़ियां देख समुदाय को लोग हमलावर हो उठे। एसआई को भी बैकफुट होना पड़ा। फिर इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह रात करीब दस बजे भारी फोर्स के साथ पहुंचे। हालांकि उग्र भीड़ काफी देर तक हमलावर रही। यह सिलसिला रात एक बजे तक चलता रहा। देर-रात होने के बाद धीरे-धीरे मामला शांत हुआ। इसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
पुलिस ने बरडीहा गांव निवासी मुजाहिद अंसारी, मनीर अंसारी, शाहिद अंसारी, अयूब अंसारी, मनौवर अंसारी, इरफान, हुसैन, आशिक,अली, राणा, इमरान, भोलू, अरमान, लालू, अरसद मेहताब और अन्य 100 लोगों के खिलाफ एसआई दीपक पटेल की तहरीर पर विभिन्न धारा सहित 7 सीएलए एक्ट और 4/25 आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
पुलिस ने मुजाहिद, मनीर, शाहिद, अयूब और मनौवर को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि उग्र लोग समझाने पर भी मानने को तैयार नहीं थे। तकरीबन चार घंटे मामले को शांत कराने में लगा। देर-रात तक पुलिस मौके पर जमी रही। गांव का माहौल शांत है।
एसपी संकल्प शर्मा ने कहा कि किसी भी धार्मिक जुलूस में प्रतिबंधित हथियार का प्रदर्शन नहीं किया जा सकता है। परंपरा के अनुसार जुलूस निकाला जाता है। पुलिस के साथ अभद्र व्यवहार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। पहचान कर गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। मौके पर इस समय कोई तनाव नहीं है। जिले में धारा 144 लागू है।