रुद्रपुर/सलेमपुर। क्षेत्र में नवरात्र के पहले दिन से बिजली कटौती को लेकर मंगलवार को महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। महिलाएं विद्युत विभाग के खिलाफ सड़क पर उतरी।
उन्होंने नगर की प्रमुख सड़कों पर जुलूस निकाल कर विद्युत विभाग और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। महिलाओं ने नवरात्र के त्योहार में बिजली नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। नगर के गोला वार्ड में प्रियंका ओझा के नेतृत्व में महिलाएं नारेबाजी करते हुए निकली। महिलाओं का जुलूस जामुनी चौराहा, मुख्य बाजार, पुन्नी साहू चौराहा, इमामबाड़ा, बस स्टेशन होते हुए तहसील पहुंचा।
उन्होंने कहा कि नवरात्र में सबसे अधिक महिलाएं ही व्रत रहती है। बिजली कटौती से महिलाओं की परेशानी बढ़ गई है। नवरात्र के पहले दिन से ही रुद्रपुर में बिजली कटौती तेज हो गई। रुद्रपुर उपखंड पर तैनात एसडीओ और अवर अभियंता लोगों का फोन तक रीसिव नहीं करते।
ऐसे में लोगों की समस्या कोई सुनने वाला नहीं। महिलाओं को प्रदर्शन करता देख स्थानीय नेता भी आ गए। हियुवा नेता दीपक सिंह, रामनिवास पासवान, बार संघ अध्यक्ष ब्रजबिहारी पांडेय, लड्डन शेख ने भी नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने नायब तहसीलदार डॉ. संजीव दीक्षित को मांगपत्र देकर विद्युत कटौती पर रोक लगाने की मांग की।
इस दौरान उर्मिला, सविता, विद्यावती, पूनम, चंदा, लालमती आदि मौजूद रही। दूसरी ओर सलेमपुर में बिजली कटौती से नाराज लोगों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। विद्युत उपकेंद्र पर पहुंचे मझौलीराज नगर के लोगों ने प्रदर्शन किया। लोगों के उग्र तेवर देख कर्मचारी खिसक गए। लोगों ने इसकी शिकायत एसडीएम से की। बिजली कर्मचारियों की मनमानी और इमरजेंसी कटौती से लोगों का जीना दुश्वार हो गया है।
सोमवार की रात मात्र चार घंटे आपूर्ति मिली। मेन सप्लाई दिन में नौ बजे तहसील विद्युत उपकेंद्र को मिली। कर्मचारियों ने सलेमपुर नगर में दुर्गा पंडाल बनने का हवाला देते हुए दोपहर तक आपूर्ति बंद रखा। एक बजे सप्लाई आई। करीब दस दिन से आपूर्ति लड़खड़ा गई है। मझौलीराज नगर के राजू खान के नेतृत्व में आए लोगों ने बिजली कर्मचारियों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कर्मचारी बीच-बीच में आपूर्ति बंद कर दे रहे हैं। शिकायत के बाद भी लोकल फाल्ट ठीक नहीं किया जा रहा है।