देवरिया। ग्राम प्रधानों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार को प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि वित्त आयोग के जमा निकासी पर रोक लगी है। इंडिया मार्का-टू हैंडपंप लगाने का अधिकार बहाल किया जाए। इसके अलावा ग्राम पंचायतों को अलग-अलग सचिव की व्यवस्था हो।
मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र जिलाधिकारी को दिया। पंचायतीराज व्यवस्था से जुड़े ग्राम प्रधान सोमवार को विकास भवन में एकत्र हुए। दो घंटे से अधिक समय तक सभागार में मीटिंग की। इसके बाद जिलाध्यक्ष राजेश मिश्र की अगुवाई में नारेबाजी करते हुए मुख्य द्वार पर पहुंचें। सिविल लाइंस में प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। मांगपत्र में ग्राम प्रधानों का कहना है कि आठ महीने का वक्त बीत गया है लेकिन अब तक 14वां वित्त आयोग की धनराशि खर्च करने का गाइडलाइन जारी नहीं किया गया है इसके चलते ग्राम पंचायतों में विकास कार्य प्रभावित हो रहा है।
ग्राम प्रधानों की प्रतिवर्ष बैठक खर्च 20 हजार रुपये निर्धारित हो। इसके अलावा आकस्मिक खर्च 10 हजार रुपये तय हो। शस्त्र लाइसेंस प्रदान करने में ग्राम प्रधानों को वरीयता मिले। इसके अलावा मानदेय की धनराशि 25 हजार रुपये प्रति माह निर्धारित हो। ग्राम प्रधानों को रोडवेज की यात्रा में रियायत मिले। ग्राम प्रधानों की मौत पर 20 लाख की सहायता राशि मिले। ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव पर इंडिया मार्का-टू हैंडपंप लगाने में वरीयता मिले।
प्रदर्शन में राजेश सिंह श्रीनेत, मौलाना नूर मोहम्मद, तारकेश्वर तिवारी, जीऊत यादव, उपेंद्र त्रिपाठी, कमलेश चौबे, रणधीर सिंह, अवधेश सिंह, जयराम राजभर, हासिल मोहम्मद, छोटेलाल यादव, धर्मेंद्र शाही, शशिकला, जितेंद्र सिंह, रमाशंकर कुशवाहा, अंतर्यामी सिंह, राकेश शाही, रामअवध, विरझन, राघव पांडेय, उमरावती, दूधनाथ राजभर, शोभा देवी, गोरख त्रिपाठी, अभय चौबे, नसीर अहमद, रामकेवल शर्मा, नीलम देवी, रामप्रवेश यादव, रामजी पटेल, सुशीला देवी, राजेश पासवान, संदीप यादव, ऊषा देवी, हरिश्चंद्र यादव, शिवप्रसाद सिंह, अजय कुशवाहा, ऊषा देवी, मालती देवी, इंद्रावती देवी, गीता देवी, हरदीप शुक्ल, कैलाश गिरि, हरिकेवल यादव, रामराव, जवाहिर गोंड, सुशील उपाध्याय, काशीनाथ यादव, सुनील मल्ल, बेचू प्रसाद, गणेश गिरि, शिव भागवत यादव, राजेश यादव, रामप्रताप सिंह, नवनाथ यादव, समरनाथ यादव, स्वतंत्र मल्ल, राधेश्याम, गदावर मणि आदि मौजूद रहे।