पूर्व में इंजीनियर सुजीत के सुझावों पर हो चुकी है गंभीर पहल, विद्यार्थियों को मिला है लाभ
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संवाद न्यूज एजेंसी बनकटा/रामपुर बुजुर्ग। क्षेत्र के भैंसहीं गांव निवासी सुजीत कुशवाहा ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर हाईस्कूल व इंटर में अनुत्तीर्ण छात्रों को अवसाद से बचाने के लिए उनके अंक और प्रमाणपत्र पर उत्साहवर्धक या बेटर लक नेक्स्ट टाइम लिखने की मांग की है। सुजीत वर्तमान में दिल्ली में रिसर्च एंड डेवलपमेंट से जुड़े इंजीनियर हैं और इनके सुझावों को पहले भी स्वीकार किया जा चुका है।
प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में सुजीत ने कहा है कि जब भी 10वीं और 12वीं के परिणाम आने शुरू होते हैं तो बच्चों में आत्महत्या और अवसाद के मामले सामने आने लगते हैं। ऐसा हर साल होता है जहां बच्चों को असफलता हाथ लगते ही वे गलत कदम उठा लेते हैं या फिर अवसाद से ग्रसित हो जाते हैं। इनमें वे छात्र भी शामिल होते हैं, जो अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र या पुत्री हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए अंकपत्र में फेल प्रमोटेड की जगह ट्राई अगेन या बेटर लक नेक्स्ट टाइम जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाए तो ज्यादा अच्छा होगा। इससे ऐसे छात्रों का मानसिक दबाव काफी हद तक कम होगा। उनके सुझाव पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अवर सचिव कमल गांधी ने यूपी के अतिरिक्त मुख्य सचिव, माध्यमिक शिक्षा को पत्र लिखकर शिक्षा को संविधान की समवर्ती सूची में एक विषय होने और उपर्युक्त मामला राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में होने का हवाला देते मामले में कार्रवाई करने को कहा है।
10वीं के उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए कॅरियर काउंसिलिंग की मांग पर हो चुकी है पहल
इसके पूर्व सुजीत ने 10वीं कक्षा के उत्तीर्ण छात्रों के कॅरियर काउंसलिंग के लिए प्रधानमंत्री और यूपी के सीएम से मांग की थी। उनके इस सुझाव पर पर छात्रों के कॅरियर काउंसलिंग के लिए दो माध्यमिक शिक्षा परिषद दो टोल फ्री नंबर भी जारी कर चुके हैं। इसके अलावा उनकी ओर से महिला सुरक्षा को लेकर दिए सुझाव पर सचिव ने परिषद की बैठक में महिलाओं की आत्मसुरक्षा को शारीरिक शिक्षा का अनिवार्य भाग बनाने के विचार को अमल में लाने का आश्वासन दिया था।