फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेडिकल कॉलेज के नाम पर गर्माने लगी सियासत

विज्ञापन
व्यापारी नेता शक्ति गुप्ता। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
देवरिया। मेडिकल कॉलेज की स्थापना से पहले ही नाम को लेकर सियासत गर्माने लगी है। कुछ लोग राजनीतिक व्यक्तियों के नाम पर नामकरण की कवायद में जुटे हुए हैं, जबकि आम लोगों के बीच देवरहा बाबा के नाम पर कॉलेज को स्थापित करने की मांग मुखर हो रही है। देवभूमि की पहचान देवरहा बाबा के नाम से है। जिले का नामकरण भी उन्हीं के नाम पर हुआ है। अपने चमत्कारों के लिए देश-दुनिया में चर्चित सिद्ध पुरुष देवरहा बाबा को मानने वालों की संख्या लाखों में हैं। हर कोई उनकी पुण्य भूमि पर आकर खुद को गौरवान्वित पाता है। देवरहा बाबा भले ही जिले के गौरव हैं, मगर दुर्भाग्य है कि उनके नाम पर कोई भी बड़ी परियोजना या संस्थान नहीं है। जिला मुख्यालय से 50 किमी दूर मईल में स्थित देवरहा बाबा का आश्रम भी उपेक्षित पड़ा हुआ है। अब जब जिले में राजकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना होने जा रही है तो इसे देवरहा बाबा का नाम देने की मांग जोर पकड़ती जा रही है। 
विज्ञापन

परम रामभक्त देवरहा बाबा जनसेवा और गोसेवा को सर्वोपरि मानते थे। प्रत्येक दर्शनार्थी को लोगों की सेवा, गोमाता की रक्षा और भगवान की भक्ति में रत रहने की प्रेरणा देते थे। मईल के पास सरयू तट पर उन्होंने बांस के मचान पर उन्होंने अपना डेरा बनाया था। प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी, लालू प्रसाद यादव, मुलायम सिंह यादव और कमलापति त्रिपाठी जैसे राजनेता भी देवरहा बाबा का आशीर्वाद लेने यहां आ चुके हैं। देवरहा बाबा जन-जन की आस्था से जुड़े हैं और देवरिया के जिक्र पर उनके नाम का स्मरण भी जरूर होता रहा है। बावजूद उनके नाम पर यहां किसी बड़ी परियोजना का नामकरण नहीं हो पाया है। बाहर से देवरिया आने वाले लोग देवरहा बाबा के नाम से अनभिज्ञ रहते हैं। देवरहा बाबा की पहचान के रूप में मईल का आश्रम ही है, जिसकी मुख्यालय से दूरी के कारण हर कोई वहां तक नहीं जा पाता। लोगों का कहना है कि मुख्यालय पर बनने वाले राजकीय मेडिकल कॉलेज का नामकरण देवरहा बाबा के नाम पर हो तो न सिर्फ कॉलेज की ख्याति बढ़ेगी, बल्कि उत्तम स्वास्थ्य की संकल्पना भी फलीभूत होगी। 

दूर होगा क्षेत्र का गतिरोध 
देवरिया। जिले में राजकीय मेडिकल कॉलेज की घोषणा के बाद देवरिया और सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत स्थान को लेकर खींचतान शुरू हो गई थी। दोनों ही इलाकों के जनप्रतिनिधि मेडिकल कॉलेज अपने क्षेत्र में स्थापित कराने की कोशिश में जुट गए थे। सलेमपुर सांसद की पीड़ा तो खुलकर सामने भी आई थी। देवरहा बाबा के नाम पर कॉलेज के नामकरण से यह गतिरोध भी दूर होने की संभावना है। देवरहा बाबा का आश्रम सलेमपुर और बरहज तहसील क्षेत्र के मध्य है। मुख्यालय पर उनके नाम का संस्थान होने से वहां के लोग भी इससे खुद को जुड़ा मानेंगे। 
विज्ञापन

---
स्पीक अप...
जिस देव के नाम से देवरिया की पहचान है। उनके नाम से मेडिकल कॉलेज होना चाहिए। राजनीतिक व्यक्तियों के नाम से मेडिकल कॉलेज का नाम रखने का कोई मतलब नहीं है। देवरहा बाबा के नाम से मेडिकल कॉलेज को जाना जाए। -हिमांशु कुमार, दवा व्यापारी।       
महर्षि देवरहा बाबा के नाम से देवरिया की दुनिया में पहचान है। लेकिन जनप्रतिनिधियों के उपेक्षा के कारण आज तक सिद्ध पुरुष का नाम किसी भी ऐतिहासिक कार्यों से नहीं जोड़ा जा सका। मेडिकल कॉलेज का नाम देवरहा बाबा के नाम पर होना चाहिए। 
-श्रीराम तिवारी बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष। 

देवरिया को देव भूमि से जाना जाता है। लेकिन आज तक कोई भी ऐसा कार्य नहीं किया गया जिससे महर्षियों का नाम फलक पर पहुंच सके। मेडिकल कॉलेज का नाम देवरहा बाबा के नाम से होना चाहिए। इस पर किसी का विरोध नहीं है। 
-शक्ति गुप्ता व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष।  

देवरहा बाबा की वजह से देवरिया की पहचान है, लेकिन इनकी उपेक्षा हो रही है। भागलपुर चौराहा पर बाबा की प्रतिमा लगवाने के लिए मांग पत्र सौंपा जाएगा। मेडिकल कॉलेज का नाम देवरहा बाबा  रखा जाए। 
-सतीश जायसवाल, भाजपा नेता।



मेडिकल कॉलेज का हरिकेवल प्रसाद रखा जाए नाम   
देवरिया। भाटपाररानी के छोटका गांव में पूर्व प्रधान जनक प्रसाद कुशवाहा के दरवाजे पर बैठक हुई। संतोष पटेल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज का नाम पूर्व सांसद हरिकेवल प्रसाद के नाम पर रखा जाए। इस दौरान रामकृपाल तिवारी, रमाशंकर चौरसिया, सूर्यनाथ, कुसुम बाबा, लालजी पटेल, ददन प्रसाद, रामविलास आर्य, विजई गोड़, सूरजन गोड़ आदि मौजूद रहे। 
शहीद के नाम रखा जाए मेडिकल कॉलेज का नाम
देवरिया। पूर्व सांसद रमाशंकर विद्यार्थी ने कहा कि देवरिया मेडिकल कॉलेज का नाम शहीद रामचंद्र विद्यार्थी रखा जाए। पूर्व सांसद ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और डीएम को इसके लिए पत्र भेजा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें