करमेल गांव में अभिषेक का शव पहुंचने पर रोते बिलखते परिजन, जुटी भीड़ ने दी श्रद्धाजंलि
रुद्रपुर (देवरिया)। 19 जुलाई को यूक्रेन में हुए रूसी हमले में मालवाहक जहाज पर कार्यरत रामलक्षन क्षेत्र करमेल गांव निवासी अभिषेक निषाद की मौत हो गई थी। रविवार की रात करीब 12 बजे अभिषेक का शव गांव लाया गया तो चीख-पुकार मच गई। 35 दिन से शव का इंतजार कर रहे लोग अभिषेक के दरवाजे की ओर चल पड़े। सोमवार की सुबह लोगों ने अभिषेक को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर शव का अंतिम संस्कार करने से रोक दिया। करीब चार घंटे बाद एसडीएम राजकुमार गुप्ता से वार्ता के बाद परिजन शव का अंतिम संस्कार करने रुद्रपुर श्मशान घाट पर गए।
19 जुलाई को यूक्रेन में हुए रूसी हमले में करमेल गांव निवासी अभिषेक निषाद समेत चार भारतीयों की मौत हो गई थी। हमले के दौरान मालवाहक जहाज पर 17 लोग मौजूद थे। इंजन रूम में काम करने के दौरान अभिषेक उसी में फंसा रह गया था। उसका शव बुरी तरह से जल जाने के कारण शिनाख्त कर पाना मुश्किल हो गया था।
शव की पहचान कराने के लिए मां और पिता का डीएनए टेस्ट कराया गया था। बीच में सीरिया के नाविकों के डीएनए रिपोर्ट में देरी के कारण भारतीयों का शव भेजने में देरी हुई। प्रक्रिया पूरी होने के बाद रविवार की सुबह दिल्ली में चार भारतीय का शव लाया गया। अभिषेक के दो रिश्तेदार शव लेने दिल्ली गए थे।