ट्रेन रोककर स्टेशन मास्टर ने 108 नंबर पर दी थी सूचना
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। चंडीगढ़-डिबरूगढ़ ट्रेन में सफर कर रही एक गर्भवती महिला अचानक दर्द से कराहने लगी। इसकी जानकारी मिलने पर आरपीएफ ने सदर रेलवे स्टेशन पर स्टेशन मास्टर को सूचना दी और महिला काे स्टेशन पर उतार दिया गया। स्टेशन मास्टर ने सूचना तत्काल 108 नंबर एंबुलेंस को दी। मौके पर पहुंचे एंबुलेंस कर्मियों ने महिला का एंबुलेंस में सुरक्षित प्रसव कराया। इसके बाद मेडिकल काॅलेज में भर्ती कराया। महिला के परिजनों ने रेलवे सुरक्षा बल और एंबुलेंस कर्मियों के मानवता पूर्ण कार्य की सराहना की।
ट्रेन नंबर 15904 चंडीगढ़-डिबरूगढ़ एक्सप्रेस देवरिया सदर रेलवे स्टेशन पर बृहस्पतिवार की शाम 6:50 बजे प्लेटफाॅर्म नंबर तीन पर पहुंची। ट्रेन में पंजाब से बिहार के सिवान जिले की रहने वाली गर्भवती महिला संजू देवी (23) सिवान तक सफर कर रही थी। इसी बीच यात्रा के दौरान अचानक उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। महिला के साथ उसके पति सुड्डा शाह भी सफर कर रहे थे। महिला की प्रसव पीड़ा देख सुड्डा ने सूचना रेलवे कंट्रोल रूम को दी। वहां से सदर रेलवे स्टेशन के अधीक्षक संदीप भटनागर को जानकारी मिली।
स्टेशन अधीक्षक ने इसकी सूचना 108 नंबर एंबुलेंस को दी। ट्रेन के पहुंचने पर महिला को देवरिया सदर स्टेशन पर उतारा गया। एंबुलेंस के बाद ईएमटी राकेश कुमार और पायलट डब्लू जायसवाल मौके पर पहुंचे और महिला को एंबुलेंस में लाए। महिला की प्रसव पीड़ा को देख ईएमटी और पायलट ने सूझबूझ के साथ महिला का एंबुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव कराया। इसके बाद महिला और बच्चे को एंबुलेंस कर्मियों ने मेडिकल काॅलेज में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण किया। जच्चा व बच्चा दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं।
वहीं, महिला के परिजनों ने स्टेशन अधीक्षक और एंबुलेंस कर्मियों को धन्यवाद दिया है।
एंबुलेंस कर्मियों का होगा सम्मान
सीएमओ डॉ. राजेश झा ने कहा कि जटिल परिस्थितियों में एंबुलेंस कर्मियों द्वारा एंबुलेंस में सुरक्षित प्रसव करना एक सराहनीय कार्य है। इस कार्य के लिए ईएमटी और पायलट को सम्मानित किया जाएगा। ईएमटी और पायलट को हैदराबाद में इसके लिए ट्रेनिंग कराई जाती है।