प्रेस वार्ता करते कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही
देवरिया। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा कि पूर्वांचल में फसल चक्र करीब एक महीने पीछे चला गया है, जिसका असर उत्पादन पर पड़ रहा है।
पश्चिमी यूपी के किसान जहां नई तकनीक, नए बीज और समय से बुवाई कर बेहतर उपज पा रहे हैं, वहीं पूर्वांचल के किसान औसत से करीब नौ क्विंटल प्रति एकड़ कम उपज पा रहे हैं। इसका असर किसान की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है। प्रदेश सरकार पूर्वांचल के किसानों को भी प्रेरित कर रही है।
कृषि मंत्री शनिवार को विकास भवन सभागार में पत्रकाराें से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अटल जी की जयंती के अवसर पर पार्टी जगह-जगह कार्यक्रम का आयोजन कर रही है।
सभी नगरीय इलाकों में विकास कार्यों का शिलान्यास व उद्घाटन हो रहा है। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार नि:शुल्क बीज वितरण कर रही है। खाद के संकट को दूर करने के लिए दुकानों के अलावा उर्वरक उत्पादन करने वाली एजेंसियों पर भी कार्रवाई हो रही है। प्रदेश में छह जिलों के कृषि अधिकारियों पर भी कार्रवाई हुई है। इसका लाभ पूरे प्रदेश को मिला है, लेकिन पूर्वांचल में बाराबंकी से लेकर देवरिया जिले तक के किसानों की बुवाई पिछड़ गई है। आज पश्चिमी यूपी के किसान ज्वार और मक्का की बुवाई से लाभ कमा रहे हैं।
प्रदेश में अब अनाज आधारित एथेनॉल फैक्टरियां लग रही हैं, जिसका लाभ किसानों को मिल रहा है। पूर्वांचल के किसान इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं क्योंकि अभी भी वे परंपरागत खेती की विधियों पर ही उलझे हुए हैं।