जन कल्याणकारी योजनाओं जैसे मनरेगा, शौचालय, इंदिरा आवास, लोहिया आवास, एनआरएलएम के क्रियान्यवन में लापरवाही सामने आई है।
सीडीओ ने इसे गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त तेवर अपनाया है। उन्होंने डीपीआरओ, सभी बीडीओ, जिला समन्वयक स्वच्छता, लेखाकार का जनवरी का वेतन रोक दिया है।
सीडीओ के इस कार्रवाई से खलबली मच गई है। सीडीओ ने कहा है कि 31 जनवरी तक काम में गुणात्मक सुधार ना पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद सीडीओ कैप्टन आलोक शेखर तिवारी ने जन कल्याणकारी योजनाओं जैसे मनरेगा, शौचालय, इंदिरा आवास, लोहिया आवास, एनआरएलएम को पूरा करने का निर्देश दिया था।
लेकिन सीडीओ के निर्देश के बाद भी अधिकारी तीन माह से हीलाहवाली कर रहे हैं। डीपीआरओ से शौचालय और अंत्येष्टि स्थलों की सूची मांगी गई लेकिन वह अभी तक इसको उपलब्ध नहीं करा सके।
इसलिए डीपीआरओ बीबी सिंह, जिला समन्वयक बृजेश पांडेय और सहायक लेखाकार अनिल जायसवाल का वेतन रोका गया है।
बार बार निर्देश देने के बाद भी लोहिया आवास, इंदिरा आवास की वर्ष 2012-13,2013-14 और 2014-15 की एमआईएस फीडिंग नहीं करने पर सभी बीडीओ का वेतन रोका गया है।
मनरेगा और एनआरएलएम योजनाओं के संचालन में भी उदासीनता सामने आई है। सीडीओ ने बताया कि शौचालयों और अंत्येष्टि स्थलों के निर्माण में धांधली उजागर हो रही है।
इसलिए इनकी जांच कराई जाएगी। बार बार कहने के बाद भी सूची नहीं दी जा रही है। इनके निर्माण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी होने की सूचना है। जांच के बाद जिम्मेदारों के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।