वहां भी डॉक्टरों ने रात में दो बजे लखनऊ रेफर कर दिया, जहां निजी अस्पताल में इलाज के दौरान रविवार की सुबह में उनकी मौत हो गई। लखनऊ में पोस्टमार्टम के बाद देर शाम को शव पहुंचा तो पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसर गया। परिजनों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी।
मौके पर सीओ श्रीयश त्रिपाठी पहुंच गए। उन्होंने तहरीर देने कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। सुबह दो आरोपियों को परिजनों और आसपास लोगों ने उनके घर से पकड़ कर पिटाई शुरू कर दी और कोतवाली तक ले गए। इसी बीच किसी ने सूचना कोतवाली पुलिस को दी। मौके पर काफी संख्या में पहुंची पुलिस ने आरोपियों को भीड़ से अपने हिरासत में ले लिया। इसके बाद परिजन शव का दाह संस्कार करने से मना कर दिए और शव को दरवाजे पर रख कर धरने पर बैठ गए।
करीब दस बजे तक हंगामा चलता रहा। एसडीएम सदर सौरभ सिंह और सीओ सिटी ने तत्काल दाह संस्कार के लिए आर्थिक मदद किया और अन्य योजना का लाभ दिलाने की बात कहीं। इसके बाद परिजन शव का दाह संस्कार करने के लिए राजी हो गए। कोतवाल मृत्युजंय सिंह ने बताया कि दो लोगों के खिलाफ तहरीर मिली है। मुकदमें की कार्रवाई की जा रही है।
अनुष्का ने पूछा मम्मी, पापा कहां गए तो लोगों की आंखों से निकले आंसू
रविवार की शाम को शव आने के बाद मनोज के घर पर मोहल्लेवासियों की भीड़ लग गई। पत्नी और तीन पुत्रियों में बड़ी पुत्री ने जब मम्मी से पूछा कि पापा कहा गए। तो इस बात को सुनकर सभी की आंखें नम हो गईं।