क्षेत्र के बरहज-भलुअनी मार्ग पर करमटार गंगा मोड़ के समीप एक वाहन ने मार्निंग वॉक कर रहे तीन को रौंद दिया। जिसमें दो की मौत हो गई। जबकि एक किशोर मेडिकल कॉलेज में जीवन-मृत्यु से संघर्ष कर रहा है।
रविवार को करमटार शेर खां निवासी अच्छेलाल चौहान उम्र 48 वर्ष पुत्र झींगुरी चौहान अपने आठ वर्षीय पुत्र राज चौहान के साथ मुख्य मार्ग पर सुबह मार्निंग वाक पर निकला था। जबकि गांव के ही अलख यादव उम्र 55 वर्ष पुत्र बैजनाथ यादव भी टहल रहे थे। लोगों का कहना है कि इसी बीच करीब पांच बजे एक बड़े पहिए के वाहन ने तीनों को रौंदते हुए पेड़ से टकरा गई। लेकिन चालक गाड़ी लेकर भागने में सफल रहा। दुर्घटना होते देख आसपास के लोग जुट गए। आनन फानन में घायलों को इलाज के लिए देवरिया ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान अच्छेलाल और अलख यादव की मौत हो गई। जबकि राज चौहान की हालत नाजुक देख चिकित्सकों ने मेडिकल रेफर कर दिया। गांव के ही दो लोगों की मौत और एक के गम्भीर रुप से घायल होने की खबर मिलते ही गांव में कोहराम मच गया। इस संबंध में थानाध्यक्ष अंशुमान यदुवंशी ने बताया कि सूचना मिलते ही मौके पर गई थी। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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दो लोगों की एक साथ उठी अर्थी, सिहर उठे लोग
भलुअनी। पवन कुमार पाठक। क्षेत्र के करमटार शेर खां में सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। गांव में एक साथ दो लोगों की उठी अर्थी देख लोग सिहर पड़े। ग्रामीण रविवार का दिन गांव के लिए काला दिन बता रहे थे। दोनों का बरहज के गौरा मुक्तिपथ पर दाह संस्कार किया गया।
अलख यादव पुत्र बैजनाथ यादव विदेश रहते थे। लेकिन काफी दिनों से गांव रहकर खेती बारी कर रहे थे। अलख की शादी उर्मिला देवी से हुई थी। जिससे धनन्जय, संजय, महिमा और आकाश हैं। वह आकाश को छोड़ बाकी सबकी शादी कर चुके थे। वह छोटे बेटे की शादी कर अपने कर्तव्यों से इतिश्री लेना चाहते थे। लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। जबकि अच्छेलाल पुत्र झींगुरी चौहान की पत्नी शीला से प्रियंका, प्रीति, मनीष और राज हैं। राज भी अपने पिता की अंगुली थामे टहलने गया था। उसे क्या पता था कि सहारा देने वाला पिता उसे जिंदगी और मौत की लड़ाई में मझधार में छोड़ दुनिया से विदा हो लेंगे। दोनों की मौत और घायल राज को लेकर गांव के लोग भगवान को कोसते नजर आ रहे हैं। अलख और अच्छेलाल दोनों की अर्थी मुक्तिपथ पर ले जाई गई। दोनों की जलती चिता देख लोग अपने को रोक नहीं पा रहे थे।
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बुढ़ापे के सहारा को कंधा दे रहे थे बूढ़े बाप
भलुअनी। बरहज-भलुअनी मार्ग स्थित करमटार गंगा मोड़ पर हुए सड़क हादसे में गांव के अलख और अच्छेलाल की मौत ने लोगों को झकझोर दिया है। बुढ़ापे का सहारा बनने वाले बेटों को कंधा देते उनके बूढ़े पिता बैजनाथ और झिंगुरी बिलख रहे थे। जिसे देख लोगों का कलेजा मुंह को आ रहा था।