फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Deoria News: दोस्त को रेलवे स्टेशन छोड़कर लौट रहे छात्र की हादसे में मौत

विज्ञापन
मृतक युवक अनीश यादव की फाइल फोटो
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

भाटपार रानी। थाना क्षेत्र अंतर्गत भाटपार रानी-मझौली मार्ग पर विशुनपुरा रेलवे क्रॉसिंग के पास जमुनिया डीह मोड़ पर बुधवार सुबह अज्ञात वाहन की चपेट में आने से बाइक सवार छात्र की मौत हो गई।
वह अपने मित्र को भाटपार रानी रेलवे स्टेशन छोड़कर अपने घर सलेमपुर कोतवाली के मझौली राज के बड़वा टोला जा रहा था। उसने हेलमेट नहीं लगाया था। उसे सिर पर गंभीर चोट लगी थी। वह 10वीं कक्षा का छात्र था। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है। छात्र की मौत की खबर सुनते ही परिजन दहाड़े मारकर रोने लगे। वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। मां का पहले ही निधन हो चुका है।
विज्ञापन

सलेमपुर कोतवाली अंतर्गत नगर पंचायत मझौली राज के वार्ड नंबर-11 बड़वा टोला निवासी अनीस यादव (19) पुत्र कमलेश यादव गांव के ही मित्र प्रतीक यादव को सुबह करीब सात बजे भाटपार रानी रेलवे स्टेशन बाइक से छोड़ने गया था। वापस घर जाते समय उसकी बाइक बिशनपुरा रेलवे क्राॅसिंग के पास जमुनिया डीह मोड़ पर अज्ञात वाहन की चपेट में आ गई और वह गिरकर घायल हो गया। राहगीरों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने उसे एंबुलेंस से भाटपार रानी पीएचसी पहंचाया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना दी और शव को कब्जे में ले लिया। मौत की खबर सुनते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। अनीस की मौत से पिता कमलेश बदहवास थे। उन्होंने बताया कि अनीस ही उनके बुढ़ापे का सहारा था। अनीस बालभद्र नारायण इंटर कॉलेज मझौलीराज में 10वीं का छात्र था।

शव को कब्जे में ले लिया गया है। अनीस अपने माता-पिता की इकलौता संतान था। उसकी मां मालती देवी का पहले ही निधन हो चुका है।
-प्रभु दयाल सिंह, थानाध्यक्ष, भाटपार रानी

अब किसको बाबू-बाबू कहकर बुलाऊंगा
भाटपार रानी। सड़क हादसे में अनीस की मौत के बाद से उसके पिता कमलेश गहरे सदमे में हैं। वह लगातार बाबू-बाबू, अनीस-अनीस कहकर रोने लग रहे हैं। रह-रहकर एकदम से चिल्लाने लग रहे हैं। उनकी यह हालत जो भी देख रहा है, वह गम के समंदर में डूब जा रहा है। कमलेश से मिलने वाले लोग नियति को कोस रहे हैं। साथ ही यह भी कह रहे हैं कि अगर अनीस ने हेलमेट पहना होता तो शायद उसकी जान बच जाती।
अनीस की असमय मौत से कमलेश के घर का चिराग बुझ गया है। उनकी पीढ़ी ही खत्म हो गई। माता मालती देवी की असमय मौत से पिता कमलेश पहले ही टूट गए। अब पुत्र को खोने के बाद वह बुरी तरह उदास हैं। अनीस पर ही कमलेश की सारी उम्मीदें थीं। वह उसे पढ़ा लिखा कर बड़ा आदमी बनाना चाहते थे, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। पुत्र की असमय मौत से वह बेहोशी की हालत में हैं। वह रो-रोकर यही कहे जा रहे हैं कि अब किसके सहारे जिंदगी जिएंगे। अब किसे बाबू-बाबू कहकर बुलाएंगे।
विज्ञापन

-
बेटे को मजदूरी करके पढ़ा रहे थे
पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष मझौली राज एवं बड़वा टोला निवासी सुरेंद्र यादव सहित आसपास के कई लोग अस्पताल पर पहुंचे। उसके गांव के तमाम लोग रुंंधे गले से आंखों में आंसू लिए बता रहे थे कि अनीस बड़ा ही होनहार लड़का था। वह सबसे हंसकर बातें करता था। कोई काम कहने पर तत्काल कर देता था। पिता कमलेश पत्नी के मरने के बाद सारी उम्मीदें इकलौते पुत्र पर लगाए थे। कमलेश के पास नाममात्र की खेती है। वह मजदूरी करके बेटे को पढ़ा लिखा रहे थे। अनीस की असमय मौत ने पूरे बड़वा टोला को झकझोर कर रख दिया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें