बघौचघाट। पथरदेवा विकास खंड क्षेत्र के मदरसा गौसिया अनवारुल उलूम मलसी खास में सोमवार की रात आयोजित जलसा-ए-दस्तारबंदी कार्यक्रम बड़े ही शानो-शौकत से सम्पन्न हुआ। जलसे में 32 नौनिहालों को कुरान पाक हिफ्ज करने और किरात की तालीम मुकम्मल करने पर दस्तार और सनद से नवाजा गया। नन्हे हाफिजों और कारियों के सम्मान के दौरान उपस्थित लोगों ने तालियों और दुआओं के साथ उनका हौसला बढ़ाया।
कार्यक्रम में दूर-दराज से आए उलेमा, जिम्मेदारान, मदरसा के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने शिरकत की। जलसे की सबसे खास आकर्षण रही मशहूर आलिम-ए-दीन मौलाना जनाब गुलाम रसूल बलियाबी साहब किब्ला की रूहानी तकरीर, जिसने माहौल में जज्बाती और इल्मी रौनक भर दी।
मौलाना ने कुरान की अहमियत, तालीमी नफासत और नई पीढ़ी में दीनी रुझान बढ़ाने की जरूरत पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि हाफिज-ए-कुरान वह मुकद्दस मकाम है, जिसके लिए लगन, सब्र और अल्लाह की रहमत का साथ होना जरूरी है।
इस दौरान प्रधानाचार्य सादिक अली, पशमशाद अहमद, कमरे आलम, विजय कुशवाहा, हाफिज महफूज आलम, जावेद आलम, जमालुद्दीन, कलाम प्रधान, मोहम्मद फतेह, ताल्हा खान, हकीमुद्दीन सोनू, फैयाज मास्टर मौजूद रहे। संवाद