सलेमपुर। मझौलीराज के भोला शाह दरगाह पर तीन दिवसीय सालाना उर्स शुरू हो गया। पहले दिन कोलकाता से आए मौलाना माहीरूल कादरी व सीवान के मौलाना अली अख्तर ने जायरीनों को बाबा के बारे में जानकारी दी। शनिवार की रात जायरीन पहुंचे और मत्था टेक मन्नत मांगी।
बाबा भोले शाह दरगाह पर तीन दिवसीय सालाना उर्स का आयोजन 27 मई से किया जाता है। तीन दिन तक मेले का आयोजन किया गया है। विभिन्न क्षेत्रों से आए शायरों व वक्ताओं ने अपने अंदाज में लोगों को बाबा भोले शाह के बारे में जानकारी दी। देर रात तक महिलाएं और बच्चे मेले में खरीदारी किए। कांतादी मुरादिया बुलाया मजूरी शरीफ ने कहा कि जो हमारी पीर ओ मुर्शिद सरकार बाबा भोला शर्म तुल्ला ले आराम फरमा है आपने पूरी जिंदगी अपनी पीड़ा मशीन हजरत ख्वाजा बाबा मुराद अली सैटरडे की गद्दी पर बैठ कर आपने अमन इंसानियत मोहब्बत प्रेम का पाठ पढ़ाया। कोलकाता के मौलाना माहीरुल कादरी, मौलाना अली अख्तर सिवान ने जलसा में ईद मिलादुन नवी कार्यक्रम पेश किया। शायर चमन कादरी, अजमल नवलपुरी, सब्र आलम, मंजूर साबरी ने अपने शायर पेश किए। अलीम शाह उर्फ छोटे सरकार ने कहा कि बाबा शाह की दरगाह पर जो भी मन्नत मांगी जाती है, वह पूरी होती है। बाबा भोले शाह ने 2001 में मझौलीराज में मिट्टी ली थी। उनका देश के चौदह जगहों पर आश्रम है और उनके लगभग 22 लाख शिष्य पूरे देश में हैं।