बरहज (देवरिया)। सीआरपीएफ में एसआई के पद पर तैनात करजहां गांव निवासी देवानंद यादव (24) छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में हुए नक्सली हमले में शहीद हो गए। बताया जा रहा है कि सोमवार की देर रात गश्त के दौरान देवानंद की बटालियन पर हमला हुआ। पुलिस अधिकारियों के अनुसार उनका पार्थिव शरीर बुधवार को गांव लाया जाएगा।
बरहज क्षेत्र के करजहां गांव के रहने वाले रामानंद यादव की पांच संतानों में देवानंद दूसरे नंबर पर थे। रामानंद के बड़े भाई परमानंद अयोध्या में पीएसी में बतौर एसआई (उप निरीक्षक) तैनात हैं। परिवार के लोगों के मुताबिक मंगलवार की भोर में परमानंद को सीआरपीएफ मुख्यालय से फोन पर देवानंद की शहादत की सूचना दी गई। बताया गया कि रात करीब ढाई बजे पांच अन्य साथियों के साथ गश्त पर निकली देवानंद की बटालियन पर रास्ते में नक्सलियों ने हमला कर दिया। इसमें देवानंद शहीद हो गए, उनके अन्य साथी घायल हैं।
परमानंद ने परिवार के लोगों को भतीजे के शहीद हो जाने की जानकारी दी। पिता रामानंद ने बताया कि सितंबर 2023 में सीआरपीएफ में भर्ती के बाद देवानंद की पहली पोस्टिंग छत्तीसगढ़ के सुकमा में हुई थी। वह तभी से वहीं तैनात थे। सीओ बरहज रंजना सचान ने बताया कि देवानंद का पार्थिव शरीर बुधवार को एयरबस से गोरखपुर पहुंचेगा और वहां से गांव लाया जाएगा।
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सुकमा में ही हुई थी पहली तैनाती
बरहज। देवानंद में बचपन से ही देश सेवा का जज्बा था। गोरखपुर में स्नातक तक की पढ़ाई के बाद वह सेना में भर्ती के लिए तैयारी करने लगे थे। सीआरपीएफ में भर्ती के बाद ड्यूटी करते तीन वर्ष बीते थे कि उनकी शहादत की खबर आ गई। गांव में मातम छाया हुआ है। बेटे की शहादत की जानकारी के बाद सदमे में मां शैला देवी बार-बार बेहोश हो जा रही हैं। वहीं बहन पूर्णिमा, श्वेता, भाई कृष्णानंद और छोटी बहन रिंकी को रोता-बिलखता देख लोगों की आंखें नम हो जा रही हैं।