भीड़ से व्यवस्था लड़खड़ाई, गर्मी से परेशान रहे मरीज
पेट, दर्द, बुखार, सांस के पीड़ितों की संख्या रही अधिक, नेत्र, हड्डी, ईएनटी, सर्जरी में रही भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। सोमवार को हर जगह लंबी कतार रही। इसके चलते व्यवस्था लड़खड़ा गई। मरीजों को डेढ़ से दो घंटे डॉक्टर तक पहुंचने में लगा, वहीं, जांच केंद्रों पर भी देर तक इंतजार करना पड़ा। गर्मी के मौसम में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगह बिना नंबर के अंदर जाने को लेकर मरीजों और तीमारदारों में नोकझोंक भी हुई। कर्मचारियों ने शांत कराया।
पारा बढ़ने से लोगों की सेहत पर असर पड़ रहा है। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या बढ़ी है। रविवार को अवकाश होने के बाद सोमवार को अस्पताल खुलने पर काफी भीड़ रही। इलाज के लिए 2602 लोगों ने पर्ची ली, इसके अलावा करीब 1500 से अधिक पुराने मरीज रहे। सुबह आठ बजे से काउंटर पर पर्ची लेने के लिए कतार लग गई। 11 बजे तक छह काउंटर पर लाइन लंबी हो गई। यहां भीड़ के कारण गुजरने में लोगों को दिक्कत हुई।
वहीं, 11:15 बजे तक मेडिसिन विभाग में वेटिंग एरिया से आगे बाथरूम तक लोग कतार में खड़े होकर बारी का इंतजार कर रहे थे। डॉ. सराजुद्दीन, डॉ. गौरव, डॉ. विश्वजीत ने 552 मरीजों का इलाज किया। इसमें पेट दर्द, बुखार, बदन दर्द के अधिक मरीज रहे। इसके अलावा बीपी, शुगर व अन्य मरीज रहे। मानसिक रोग में भी भीड़ रही। डॉ. अंबु पांडेय ने 2.20 बजे तक 100 से अधिक मरीजों का इलाज किया। चेस्ट विभाग में डॉ. अनुराग शुक्ला ने 150 मरीजों का इलाज किया। इसमें करीब 110 मरीज सांस व एलर्जी से पीड़ित रहे। दंत विभाग में डॉ. गौरव जायसवाल, डॉ. रेनू सिंह, डॉ. सौरभ, डॉ. तेजस्विनी ने 108 व चर्म रोग में डॉ. अजीत पाल, डॉ. सुधा ने 212 मरीजों का उपचार किया। ईएनटी में डॉ. प्रदीप गुप्ता, डॉ. भानू प्रकाश सिंह ने 214 मरीजों का इलाज किया। इसमें नकसीर और कान से कम सुनाई देने के पीड़ित अधिक रहे। नेत्र विभाग में डॉ. कन्हैया प्रसाद, डॉ. अदिती, डॉ. आकांक्षा ने 350 से अधिक मरीजों का उपचार किया। इसमें आंख पानी आने, दर्द के मरीज अधिक रहे। सर्जरी विभाग में डॉ. मानवेंद्र ने करीब 150 मरीजों का इलाज किया। जबकि बीस लोगों को लौटना पड़ा। यहां 2:25 बजे तक कतार थी। बिना नंबर के डॉक्टर कक्ष में जाने पर लोगों ने हो हल्ला किया। इसे लेकर नोकझोंक भी हुई।
हड्डी रोग विभाग में डॉ. रजनीश, डॉ. शुभम पांडेय, डॉ. गौरव, डॉ. शुभम ने 651 मरीजों का 2.30 बजे तक इलाज किया। यहां कुछ मरीजों व तीमारदारों में नोकझोंक भी हुई। वहीं, एक्स-रे के लिए भी भीड़ रही। सीटी स्कैन केंद्र पर सेंटर इंचार्ज आकाश सिंह व साक्षी त्रिपाठी ने 75 मरीजों की जांच की। ओपीडी में 2 बजे तक 160 और डिजिटल एक्स-रे सेंटर पर 340 एक्स-रे हुआ। हर जगह मरीजों को डेढ़ से दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा, जिससे परेशानी हुई।
पीआईसीयू वार्ड में नहीं चल रहे तीन एसी, गर्मी में मरीज परेशान
- मेडिकल कॉलेज के पीआईसीयू वार्ड में तीन एसी खराब हैं। इसके चलते गर्मी और उमस से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी हो रही है। तीमारदार हाथ वाले पंखे झलने को मजबूर हैं। गर्मी के कारण मरीजों की दिक्कत बढ़ सकती है।
पंद्रह बेड के पीआईसीयू में बच्चे भर्ती किए गए हैं। इसमें बुखार के आठ, उल्टी-दस्त के चार, सांस के दो व अन्य बीमारी से पीड़ित का इलाज चल रहा है। यहां पांच एसी लगा है, इसमें तीन खराब है। पारा चढ़ने से बच्चे परेशान हो रहे हैं। तीमारदार हाथ पंखे से गर्मी से राहत देने का प्रयास कर रहे हैं। नया पीआईसीयू बनकर तैयार है, लेकिन हैंडओवर न होने के कारण शुरू नहीं हो सका है, उसके शुरू होने पर राहत मिलेगी।
अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी है, लेकिन मरीजों को इलाज, दवा और जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई। भीड़ के कारण थोड़ी दिक्कत हुई होगी। उसके लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस