रुद्रपुर। दूसरी काशी के नाम से प्रसिद्ध दुग्धेश्वरनाथ धाम में सावन के पहले दिन बृहस्पतिवार को शिवभक्तों का समूह उमड़ेगा। बरहज स्थित सरयू नदी तट से पवित्र जल भरकर सैकड़ों कांवड़िये 22 किमी की पैदल यात्रा तय कर भगवान दुग्धेश्वरनाथ का जलाभिषेक करेंगे। कांवड़ियों की भीड़ देखते हुए रूट डायवर्जन लागू किया गया है। सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं।
मेले की सुरक्षा के लिए कई थानों की पुलिस, पीएसी और मोबाइल पुलिस टीमों की तैनाती की गई है। मंदिर के गर्भगृह में दर्शन-पूजन की व्यवस्था संभालने के लिए मंदिर समिति के स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। नगर पंचायत की ओर से मेला परिसर में खोया-पाया केंद्र बनाया गया है। कांवड़ यात्रा मार्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था भी कराई गई है।
एसडीएम राजकुमार गुप्ता ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सावन मेले के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रूट डायवर्जन प्रभावी रहेगा। पुलिस और प्रशासन की टीमें पूरे समय निगरानी करेंगी। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे यातायात व्यवस्था का पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें, ताकि कांवड़ यात्रा और जलाभिषेक शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
इन परिवर्तित मार्ग से निकाले जाएंगे वाहन
सावन माह के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। नगर पंचायत में इस बावत मार्ग परिवर्तन किया गया है। गौरी बाजार की ओर से आने वाले वाहनों को तारा सारा होते हुए पूर्वी बाईपास से निकाला जाएगा। वहीं बरहज और मदनपुर की ओर से आने वाले बड़े वाहनों के शहर में प्रवेश पर रोक रहेगी और उन्हें बाईपास से होकर गुजरना होगा।