देवरिया। धूप निकलने पर मेडिकल कॉलेज में शनिवार को भीड़ रही। इसकी वजह से व्यवस्था पर असर पड़ा। मरीजों और तीमारदारों को इंतजार करना पड़ा। आर्थों विभाग में मरीजों को आधे से एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा। बिना नंबर के बगल से जाने को लेकर धक्का-मुक्की और शोर-शराबा हुआ। सर्जरी ओपीडी में एक व्यक्ति के जबरन अंदर जाने पर कतार में खड़े लोग भी घुस गए, जिससे परेशानी हुई। सुरक्षाकर्मियों ने लोगों को शांत कराया।
ठंड बढ़ने से मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या में कमी आई है। अस्पताल में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा बिहार के सीमावर्ती इलाके के लोग इलाज कराने आते हैं। शनिवार को सुबह से चटक धूप निकली। सुबह आठ बजे से ही मरीज रजिस्ट्रेशन काउंटर पर पहुंचने लगे। दस बजे के बाद भीड़ बढ़ गई और लंबी कतार लग गई। करीब दो हजार से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया। इसके अलावा करीब एक हजार से अधिक लोग फालोअप में पहुंचे थे। पर्ची लेने के बाद लोग ओपीडी में पहुंचे। सुबह 11.15 बजे मेडिसिन विभाग में मरीजों की लंबी कतार थी। यहां डॉक्टर ओंकार, डॉ. विश्वजीत ने करीब ढाई सौ मरीजों का इलाज किया। आर्थो विभाग में भीड़ अधिक थी। उधर से गुजरने में लोगों को दिक्कत हुई। सुबह करीब 11.45 बजे कतार में मरीज एक-दूसरे से सट कर खड़े थे। बगल में भी मरीज व तीमारदार खड़े थे। इसी बीच कुछ लोग बिना नंबर के अंदर जाने को लेकर धक्का-मुक्की करने लगे। इस पर कतार में खड़े लोग विरोध करते हुए हो-हल्ला करने लगे। सुरक्षा कर्मी में रोका और शांत कराते हुए कतार को ठीक कराया। डॉ. अजय यादव, डॉ. कुणाल ने करीब पांच सौ मरीजों का उपचार किया। मानसिक रोग विभाग में भी भीड़ रही। डॉ. अंबू पांडेय ने 135, चेस्ट व श्वांस विभाग में डॉ. अनुराग शुक्ला, डॉ. सुमित कुमार ने करीब 140, ईएनटी में डॉ. प्रदीप गुप्ता ने 115, दंत में डॉ. अफसाना अंसारी, डॉ. रेनू सिंह, डॉ. निहारिका, डॉ. प्रियंका ने सौ से अधिक मरीजों का इलाज किया। सर्जरी में लंबी कतार रही। एक व्यक्ति बिना नंबर के पहुंचा। कर्मचारी के रोकने पर जबरदस्ती अंदर घुस गया। यह देख कतार में खड़े मरीज शोर करने लगे और सभी लोग अंदर पहुंचे गए, जिससे डॉक्टर व कर्मी अचानक भीड़ देख परेशान हो गए। उन्होंने मरीजों को शांत कराया। यहां डॉ. आशीष जायसवाल, डॉ. ताहिर, डॉ. पवन ने करीब 125 मरीजों का इलाज किया। उधर बिलिंग काउंटर, एक्स-रे सेंटर पर भी भीड़ रही।