बरहज। सरयू नदी का पानी नगर सहित गांवों तक पहुंचने लगा है। जबकि तटवर्ती गांवों के अधिकांश किसानों की कई एकड़ फसल डूब गई हैं। शनिवार को नदी खतरे के निशान 66.50 से एक मीटर 40 सेमी ऊपर 67.90 मीटर पर बह रही थी। जो इस वर्ष का उच्चतम सीमा है। नदी के जलस्तर में हो रहे बेतहाशा वृद्धि से लोग सहम गए हैं।
थाना घाट पर बने मीटर गेज पर नदी सुबह 67.85, जबकि शाम को 67.90 मीटर पर बह रही थी। पिछले चार दिनों से सरयू रोजाना 10-15 सेमी की बढ़त बना रही है। लोगों के अनुसार शनिवार को नदी की लहरों में काफी वेग था। सरयू में आई बाढ़ से राप्ती भी उफान पर है। नदी का पानी अधूरे बांध के करीब से महेन गांव तक पहुंच गया है। वहीं परसियां देवार के भरटोला, चौधरीपुरा, नकिहवां, महोब टोला और विशुनपुर देवार के स्कूलहिया, कत्लहिया, दलित बस्ती, चौहान, लोहार, बांके, किशुन, जैतुन टोला, नई दलित बस्ती, जरलहवा, रामदरश आदि टोलों में घुस गया है। वहीं बरहज के पटेल नगर मोहल्ले में जाने वाली मुख्य सड़क पानी से लबालब हो गई है। जबकि पैना रोड स्थित ईदगाह मस्जिद के सामने नीलकंठ महादेव मंंदिर जाने वाली सड़क पार कर गया है। राप्ती नदी के चारो ओर से घिरा भदिला प्रथम और कपरवार उग्रसेन सेतु के निकट गोरखपुर जनपद के विस्थापित कोलखास गांव के लोगों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
बांध में दोबारा आई दरार को भरने में जुटा पीडब्ल्यूडी विभाग
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सरयू के उफनाने से नदी का पानी रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है। बाढ़ का पानी कटइलवा-कपरवार संगम तट तक बने नवीन बांध, परसियां-विशुनपुर देवार के पीडब्ल्यूडी बांध और महेन-मोहरा-केवटलिया बांध पर दबाव बना रहा है। शुक्रवार की रात परसियां-विशुनपुर देवार में दसरसरिया गांव के निकट बांध पर दरार आ गया। जिससे खलबली मच गई। शनिवार को जानकारी होने पर पीडब्ल्यूडी के जेई अखिलेश कुमार ने मरम्मत कार्य कराया। लोगों के अनुसार उपेक्षाओं के कारण बांध जर्जर हो गया है। समय से रिपेयर होता रहता तो शायद ऐसी स्थिति नहीं आती। लोगों का यह भी कहना है कि बांध के टूटने से परसियां-विशुनपुर देवार में काफी क्षति होगी।
कोट-
जलस्तर के बढ़ने से नदी अपने पूरे शबाब पर है। चौकसी बढ़ाते हुए बंधों का लगातार मानीटरिंग किया जा रहा है। बाढ़ चौकियों पर कर्मचारी तैनात किए गए हैं। हालात से निपटने के लिए तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
-अशोक द्विवेदी सहायक अभियंता, बाढ़ खंड विभाग