संवाद न्यूज एजेंसी
एकौना। नेपाल में भारी बारिश के कारण उफान पर आई गोर्रा और राप्ती नदी का कहर बंधे और नदी के बीच बोई गईं फसलों पर टूट रहा है। मक्का और तिल की फसल में गोर्रा का पानी घुसने से संकट आ गया है। वहीं खेतों में दाना पकड़ चुकी धान की फसल की पैदावार प्रभावित होने की आशंका है। शुक्रवार को गोर्रा और राप्ती के जलस्तर में 20 सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। गोर्रा नदी खतरे के निशान 70.50 मीटर के नीचे 69.80 मीटर और राप्ती नदी 69.40 मीटर पर बह रही थी। गोर्रा नदी ने रतनपुर और पिड़रा गांव के बाद पचलड़ी बेलवा बांध पर बेलवा गांव के पास कटान तेज कर दी है। यहां बंधा कटा तो दोआबा के 52 गांवों में पानी घुस जाएगा।
नदी के जलस्तर में अचानक उफान से कछार और दोआबा के 116 गांवों के लोगों में बंधा कटने का भय सता रहा है। नदी और बंधे के बीच में ईश्वरपुरा, पचलड़ी, सुल्तानी और कुर्ना नाला के पास सरया और कृतपुरा गांव की फसलों में नदी का पानी घुस गया है। इससे मक्का और तिल की फसल का नुकसान होगा। किसान सत्य विजय यादव, चंद्रप्रकाश सिंह, देवमुनि, आदित्य यादव ने कहा कि धान की फसल में घुसा पानी यदि जल्द नहीं निकला तो पैदावार प्रभावित होगी।
धान में दाना आने के बाद बारिश का जमा पानी नुकसान करता है। जिससे फसल झुलसा रोग से प्रभावित हो सकती है। बंधों की हालत देख किसानों के माथे पर बाढ़ की चिंता बनी है।